जलस्तर गिरने से हैंडपंपों में पाइप बढ़ाने का कार्य जारी, सामग्री बेचने के आरोप से पीएचई विभाग सवालों के घेरे में मेकेनिक कुलर की हवा में बैठे रहते हैं और उसके पुत्र द्वारा उस कार्य को किया जाता है
नगरी। विकासखंड नगरी क्षेत्र में लगातार गिरते जलस्तर के कारण लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग द्वारा गांव-गांव में खराब हैंडपंपों की मरम्मत एवं अतिरिक्त पाइप लगाकर जल व्यवस्था बनाए रखने का कार्य किया जा रहा है। विभागीय कर्मचारियों द्वारा लगातार सुधार कार्य किए जाने से कई गांवों में लोगों को पेयजल उपलब्ध हो रहा है।
इसी बीच विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी भी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ कर्मचारियों द्वारा हैंडपंप मरम्मत में उपयोग होने वाली पाइप एवं अन्य सामग्री का दुरुपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि कई स्थानों पर पाइप नलों में लगाने के बजाय उन्हें व्यापारियों को बेचा जा रहा है।
सुत्रो के अनुसार मिली जानकारी कि रविवार को एक साकारा मेचका परिक्षेत्र के मैकेनिक द्वारा हैंडपंप रिपेयरिंग कार्य के बाद बची हुई पाइप एवं अन्य सामग्री को अपने घर ले जाया गया। वहीं सूत्रों के अनुसार संबंधित मैकेनिक की जगह उसका पुत्र कई दिनों से गांवों में जाकर हैंडपंप मरम्मत का कार्य कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार विभागीय कर्मचारी के स्थान पर उसका पुत्र ही कार्य करने पहुंचता है, जिससे विभागीय व्यवस्था एवं निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यह भी आरोप लगाया गया है कि हैंडपंपों से निकाली गई पाइप एवं अन्य सामग्री को घर में रखकर बेचा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि शासन की सामग्री का इस प्रकार दुरुपयोग हो रहा है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारियों की उदासीनता पर भी सवाल उठाए हैं। मामले को लेकर जब पीएचई विभाग के एसडीओ से चर्चा की गई तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में जानकारी नहीं है। शिकायत एवं जानकारी मिलने पर जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेकर जांच करता है और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।