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Madhya Pradesh News मासूम के सिर में लगी गोली, 7 महीने बाद भी खाली हाथ पुलिस बेटे को इंसाफ दिलाने दर-दर भटक रहा पिता, आखिर किसने छीनी 13 वर्षीय रवि की जिंदगी?

रिपोर्टर महेंद्र बीजपारी आगर मालवा मध्य प्रदेश

लोकेशन – कानड़

दिवाली जैसे खुशियों के पर्व पर जहां हर घर दीपों से जगमगा रहा था, वहीं आगर-मालवा जिले के ग्राम घुरासिया में एक परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए अंधेरे में डूब गई। घर के आंगन में खेल रहे 13 वर्षीय मासूम रवि सूर्यवंशी को अचानक गोली लग गई। इलाज के लिए परिवार ने एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक दौड़ लगाई, लेकिन आखिरकार मासूम जिंदगी की जंग हार गया। सबसे हैरानी की बात यह है कि घटना को 7 महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा सकी कि आखिर गोली चली कहाँ से और किसने चलाई।
अब बेबस पिता गोपाललाल अपने बेटे को इंसाफ दिलाने के लिए पुलिस प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। उन्होंने एक बार फिर पुलिस अधीक्षक आगर-मालवा को आवेदन सौंपकर दोषियों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

दिवाली की शाम मातम में बदली
शिकायती आवेदन के अनुसार, घटना 18 अक्टूबर 2025 की है। दिवाली के दिन रवि सूर्यवंशी अपने घर के आंगन में खेल रहा था। तभी अचानक उसकी मां भूरीबाई की चीख सुनाई दी। परिजन जब दौड़कर पहुंचे तो रवि जमीन पर लहूलुहान हालत में पड़ा था और उसके सिर से खून बह रहा था। शुरुआती तौर पर परिवार को लगा कि शायद कोई पत्थर लग गया होगा, लेकिन मामला इससे कहीं ज्यादा खौफनाक निकला।
गंभीर हालत में रवि को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे उज्जैन रेफर कर दिया। उज्जैन के निजी अस्पताल में जब सीटी स्कैन कराया गया तो रिपोर्ट देखकर डॉक्टर और परिजन दोनों सन्न रह गए। जांच में सामने आया कि रवि के सिर में बंदूक की गोली फंसी हुई थी।
इंदौर तक चला इलाज, लेकिन नहीं बच सकी जिंदगी
इसके बाद रवि को इंदौर के अरबिंदो अस्पताल और फिर एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से लड़ने के बाद आखिरकार मासूम रवि ने दम तोड़ दिया। बेटे की मौत ने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
7 महीने बाद भी पुलिस के हाथ खाली
पीड़ित पिता गोपाललाल का कहना है कि गांव में उनकी किसी से कोई दुश्मनी नहीं है। उन्हें आज तक यह समझ नहीं आया कि आखिर उनके बेटे को गोली किसने मारी और क्यों मारी। लेकिन सबसे बड़ा सवाल पुलिस जांच पर खड़ा हो रहा है। घटना को करीब 7 महीने बीत चुके हैं, मगर अब तक ना कोई आरोपी पकड़ा गया और ना ही पुलिस किसी नतीजे तक पहुंच सकी।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब भी वे पुलिस अधिकारियों से मामले की जानकारी लेने पहुंचते हैं, तो उन्हें केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जाता है।
थाना प्रभारी बोले – हर पहलू की जांच जारी
इस मामले में जब गिरीश न्यूज़ ने थाना प्रभारी कानड़ आर.के. दांगी से चर्चा की तो उन्होंने बताया कि पुलिस इस रहस्यमयी घटना की हर एंगल से जांच कर रही है। तकनीकी पहलुओं का भी बारीकी से अध्ययन किया जा रहा है और पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही मामले में सफलता मिलेगी।
एसपी से लगाई न्याय की गुहार
निराश और थक चुके पिता गोपाललाल ने 10 मई 2026 को एक बार फिर पुलिस अधीक्षक को आवेदन देकर मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। आवेदन के साथ पुलिस रिपोर्ट, अकाल मृत्यु की सूचना, मेडिकल दस्तावेज और आधार कार्ड की प्रतियां भी संलग्न की गई हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर 13 वर्षीय मासूम रवि की मौत का जिम्मेदार कौन है? और क्या इस परिवार को कभी इंसाफ मिल पाएगा या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा? महेन्द्र बीजापारी कि रिपोर्ट

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