उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के जैतपुरी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और गहराता जा रहा है। कलेक्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में ज्ञापन सौंपने के बाद बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण सिहावा थाना पहुंचे और वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों पर मारपीट, महिलाओं से दुर्व्यवहार और जबरन कार्रवाई करने का आरोप लगाया।
ग्रामीणों ने थाना पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की तथा दोषी वन कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग उठाई। थाना परिसर में ग्रामीणों की भीड़ और आक्रोश को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी सतर्क नजर आया।
ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग की टीम बिना पूर्व सूचना गांव में पहुंची और सीधे घरों में घुसकर लोगों को पकड़ने लगी। आरोप लगाया गया कि एक शादी वाले घर से युवक को जबरन उठाने की कोशिश की गई, जिसका विरोध करने पर महिलाओं के साथ हाथापाई हुई। ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि धक्का-मुक्की के दौरान उनकी चूड़ियां टूट गईं और कपड़े फट गए।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उन्होंने वन विभाग से समय मांगा था और भरोसा दिलाया था कि वे निर्धारित तिथि तक विभाग के समक्ष उपस्थित हो जाएंगे, इसके बावजूद दबाव बनाकर कार्रवाई की गई।
“वीडियो बनाने पर युवकों को पीटा”
ग्रामीणों के अनुसार घटना के दौरान कुछ युवक मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहे थे। आरोप है कि वन अमले ने एक युवक को पकड़कर मारपीट की और उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की। युवक के शरीर पर चोट के निशान होने का दावा भी ग्रामीणों ने किया है।
वहीं दूसरी ओर, घटना से जुड़े कुछ वीडियो और ऑडियो सोशल मीडिया में भी वायरल हो रहे हैं, जिनकी जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। बताया जा रहा है कि एक वीडियो में कथित रूप से उग्र टिप्पणी भी सुनाई दे रही है।
वन विभाग का पक्ष
वन विभाग का कहना है कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध अतिक्रमण और जंगल कटाई की शिकायतें लंबे समय से मिल रही थीं। ड्रोन और सेटेलाइट सर्वे में करीब 106 हेक्टेयर वन भूमि पर कब्जा और बड़ी संख्या में पेड़ों की कटाई सामने आने के बाद विभाग ने कार्रवाई शुरू की।
विभागीय अधिकारियों का दावा है कि टीम केवल वैधानिक कार्रवाई के लिए गांव पहुंची थी, लेकिन कुछ लोगों ने विरोध करते हुए माहौल तनावपूर्ण बना दिया। अधिकारियों का कहना है कि संरक्षित वन क्षेत्र और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
“निष्पक्ष जांच हो”
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि किसी अधिकारी-कर्मचारी द्वारा महिलाओं या ग्रामीणों के साथ दुर्व्यवहार हुआ है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
फिलहाल सिहावा पुलिस दोनों पक्षों के बयान दर्ज कर रही है और वायरल वीडियो, मोबाइल फुटेज सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच जारी है