*वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल द्वारा नमो से दशाश्वमेध घाटों तक का निरीक्षण करते हुए पैदल गश्त की गई, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा*निर्देश
*वाराणसी कमिश्नरेट सीपी मोहित अग्रवाल पुलिस आयुक्त द्वारा नमो घाट से अस्सी घाट तक निरीक्षण करते हुए घाटों पर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित किया गया अराजक माहौल बिगाड़ने वालो पर पुलिस की पैनी नजर*
*वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस आयुक्त श्री मोहित अग्रवाल द्वारा नमो घाट से अस्सी
घाटों का निरीक्षण करते हुए पैदल गश्त की गई, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने हेतु संबंधित अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश वाराणसी के घाटों पर आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों एवं आमजन की सुरक्षा कमिश्नरेट पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। घाट क्षेत्रों में सतत पैदल गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की गहन निगरानी एवं सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर सुरक्षा तंत्र को और अधिक मजबूत बनाया जा रहा है। सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्कता, प्रभावी पुलिसिंग एवं जनसहयोग के साथ सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें।” — पुलिस आयुक्त।
“गंगा नदी केवल एक जलधारा नहीं, बल्कि हमारी आस्था, संस्कृति एवं आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक है। गंगा घाटों एवं नदी क्षेत्र में नशीले पदार्थों का सेवन करना तथा अपशिष्ट फेंकना पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे कृत्यों में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।” — पुलिस आयुक्त
पुलिस आयुक्त द्वारा दशाश्वमेध घाट से गोदौलिया तक पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया तथा अवैध अतिक्रमण कर आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
पुलिस आयुक्त द्वारा नमो घाट से अस्सी घाट तक निरीक्षण करते हुए घाटों पर संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की गई तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु सुरक्षा उपकरणों को अद्यावधिक रखने, एनडीआरएफ एवं जल पुलिस को सतर्क एवं सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए।
घाट क्षेत्रों में स्टंट एवं खतरनाक कर्तबाजी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई तथा गंगा में जल विहार करने वाले सभी व्यक्तियों हेतु लाइफ जैकेट अनिवार्य करते हुए नाविकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
श्रद्धालुओं को स्नान के दौरान डूबने की घटनाओं से सुरक्षित रखने हेतु घाटों पर डीप वाटर बैरिकेडिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। एनडीआरएफ एवं जल पुलिस द्वारा नाविकों तथा श्रद्धालुओं को आपात परिस्थितियों में सुरक्षा उपायों, सतर्कता एवं आवश्यक सावधानियों के प्रति निरंतर जागरूक किया जा रहा है। साथ ही जल पुलिस द्वारा समय-समय पर सघन जांच अभियान चलाते हुए नियमों की अवहेलना करने वाले नाविकों के विरुद्ध अब तक कुल 31 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 58 नावों को सीज़ किया गया।
जनपद में “ऑपरेशन चक्रव्यूह” अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों एवं अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध कार्यवाही, सुरक्षित, सुगम एवं सुव्यवस्थित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
विशेष चेकिंग अभियान के दौरान कुल 22 वाहनों को सीज़ किया गया तथा 529 वाहनों के विरुद्ध चालान की कार्रवाई करते हुए कुल 10,62,500/- रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया।
बाजारों एवं अत्यधिक भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में अधिकारीगण एवं पुलिसकर्मियों द्वारा पैदल गश्त कर सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया। साथ ही आमजन एवं वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन, सड़क सुरक्षा एवं अनुशासित आवागमन के प्रति जागरूक किया गया।
आज दिनांक 19.05.2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल द्वारा घाट क्षेत्रों एवं शहर की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए दशाश्वमेध घाट, गोदौलिया, नमो घाट एवं अस्सी घाट क्षेत्रों में पैदल गश्त की गई। इस दौरान संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ कर सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की गई तथा अवैध अतिक्रमण कर आवागमन एवं सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए घाटों पर स्थापित सुरक्षा उपकरणों को अद्यावधिक रखने, एनडीआरएफ एवं जल पुलिस को सतर्क एवं सक्रिय रहने तथा नाविकों को निर्धारित सुरक्षा मानकों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। घाट क्षेत्रों में स्टंट एवं खतरनाक कर्तबाजी करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करते हुए गंगा में जल विहार करने वाले सभी व्यक्तियों हेतु लाइफ जैकेट अनिवार्य किया गया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा हेतु डीप वाटर बैरिकेडिंग की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की गई तथा जल पुलिस द्वारा समय-समय पर सघन जांच अभियान चलाते हुए नियमों की अवहेलना करने वाले नाविकों के विरुद्ध अब तक कुल 31 अभियोग पंजीकृत किए गए तथा 58 नावों को सीज़ किया गया साथ ही “ऑपरेशन चक्रव्यूह” के तहत यातायात नियमों के उल्लंघन एवं अतिक्रमण के विरुद्ध अभियान चलाकर 22 वाहन सीज़, 529 चालान एवं कुल 10,62,500 रुपये का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय श्री शिवहरी मीणा, पुलिस उपायुक्त काशी जोन श्री गौरव बंशवाल, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन श्री वैभव बांगर, सहित सम्बन्धित राजपत्रित अधिकारी व अन्य पुलिस बल उपस्थित रहे।



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