मां-बेटे की एडिटेड तस्वीर का बरगी क्रूज हादसे से नहीं है कोई संबंध सोशल मीडिया पर लगातार की जा रही शेयर

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित बरगी बांध में 30 अप्रैल की शाम हुए हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया। तेज तूफान के कारण एक क्रूज नौका पलटकर डूब गई, जिसमें नौ लोगों की मौत हो गई, जबकि 22 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। घटना के बाद से इस हादसे से जुड़ी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की जा रहीं हैं। इसमें एक बेहद भावुक और विचलित कर देने वाली तस्वीर सामने आई है, जिसमें एक महिला लाइफ जैकेट पहने पानी में दिखाई दे रही है और एक छोटा बच्चा उसके सीने से लिपटा हुआ है। इस तस्वीर को मध्य प्रदेश के बरगी बांध में हुए क्रूज बोट हादसे से जोड़ते हुए दावा किया जा रहा है कि यह मां-बेटे की वही अंतिम तस्वीर है, जिन्हें रेस्क्यू टीम ने डूबने के बाद इसी हालत में बरामद किया था। जांच में यह दावा गलत साबित हुआ। पड़ताल में सामने आया कि वायरल तस्वीर की प्रामाणिकता संदिग्ध है। कई एआई डिटेक्शन टूल्स पर जांच के दौरान इसे पूरी तरह वास्तविक नहीं पाया गया। वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जबलपुर कलेक्टर ने स्पष्ट किया, “यह फोटो एआई जनरेटेड है या किसी अन्य स्रोत की है और बरगी क्रूज दुर्घटना से इसका कोई संबंध नहीं है।” इससे साफ होता है कि वायरल तस्वीर को बरगी क्रूज हादसे से जोड़कर गलत दावा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कई यूजर्स इस तस्वीर को शेयर करते हुए दावा कर रहे हैं कि यह जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे की वास्तविक तस्वीर है। पोस्ट में कहा जा रहा है कि एक मां ने अपने चार साल के बेटे को आखिरी सांस तक सीने से लगाए रखा और दोनों के शव एक ही लाइफ जैकेट में मिले। वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए सबसे पहले इस तस्वीर को कई एआई डिटेक्शन टूल्स पर जांचा। इन टूल्स से मिले नतीजों में तस्वीर पूरी तरह वास्तविक नहीं पाई गई। जांच में संकेत मिले कि इमेज में डिजिटल एडिटिंग या एआई जनरेशन के एलिमेंट हो सकते हैं। यानी तस्वीर के साथ छेड़छाड़ या उसे आर्टिफीसियल तरीके से तैयार किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिससे इसकी विश्वसनीयता पर सवाल खड़े होते हैं। पड़ताल के अगले चरण में इस फोटो को एक अन्य AI डिटेक्शन टूल Hive Moderation पर स्कैन किया। प्राप्त परिणामों के अनुसार, यह फोटो लगभग 96 प्रतिशत तक AI जनरेटेड पाया गया। पड़ताल के अगले क्रम में एक और AI डिटेक्शन टूल SIGHTENGINE पर इसे स्कैन किया, जांच में यह तस्वीर एआई जनरेटेड है या नहीं, इसे लेकर स्पष्ट निष्कर्ष नहीं निकल सका। टूल्स के अनुसार इसके एआई होने की संभावना करीब 48% आंकी गई। इसके अलावा, वायरल दावे की सच्चाई जानने के लिए इस तस्वीर को आगे SynthID एनालिसिस और Google Gemini की मदद से भी चेक किया। इस जांच में कुछ अहम बातें सामने आईं हाथों में गड़बड़ी: बच्चे को पकड़ने वाले हाथों को ध्यान से देखने पर उंगलियां और स्किन टेक्सचर कुछ जगहों पर धुंधले और असामान्य तरीके से जुड़े हुए दिखते हैं, जो एआई इमेज में आम संकेत होते हैं। पानी के साथ असामान्य इंटरैक्शन: तस्वीर में पानी की लहरें और उसमें तैरती चीजें (जैसे फूल) प्राकृतिक तरीके से व्यवहार करती नहीं दिखतीं। पानी का फ्लो थोड़ा फ्लैट और असंगत लगता है। ओवरऑल टेक्सचर महिला और बच्चे की स्किन और कपड़ों का टेक्सचर जरूरत से ज्यादा स्मूद और थोड़ा पेंटिंग जैसा नजर आता है, जो अक्सर एआई जनरेटेड तस्वीरों में देखा जाता है। जाँच जारी रखते हुए, ऑनलाइन ओपन सर्च किया और आधिकारिक स्रोतों की जांच की। इस दौरान हमें जबलपुर जिला प्रशासन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल एक्स के कलेक्टर जबलपुर अकाउंट पर इस वायरल तस्वीर को लेकर जारी एक स्पष्टीकरण मिला। इस पोस्ट में प्रशासन ने स्पष्ट रूप से कहा, “जबलपुर..यह फोटो एआई जनरेटेड है या अन्य किसी स्रोत की है। बरगी क्रूज दुर्घटना से इसका कोई संबंध नहीं है।”यह आधिकारिक बयान इस बात की पुष्टि करता है कि वायरल तस्वीर को गलत संदर्भ में इस्तेमाल किया जा रहा है। हालांकि, पड़ताल के दौरान यह भी सामने आया कि वास्तविक घटना में मां-बेटे से जुड़ी दुखद जानकारी सामने आई है, इसके साथ एक तस्वीर भी शेयर की गई है, जिसकी पुष्टि नहीं हो पाई लेकिन वह तस्वीर इस वायरल तस्वीर से बिलकुल अलग है। दावा माँ और बच्चे की तस्वीर को जबलपुर के बरगी बांध में हुए क्रूज हादसे का बताकर किया गया शेयर।तथ्य ये है वायरल तस्वीर का बरगी बांध क्रूज बोट हादसे से कोई संबंध नहीं है। जबलपुर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह तस्वीर एआई जनरेटेड या किसी अन्य स्रोत की है।जांच में यह दावा गलत साबित हुआ। पड़ताल में सामने आया कि वायरल तस्वीर की प्रामाणिकता संदिग्ध है। कई एआई डिटेक्शन टूल्स पर जांच के दौरान इसे पूरी तरह वास्तविक नहीं पाया गया। वहीं, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जबलपुर कलेक्टर ने स्पष्ट किया, “यह फोटो एआई जनरेटेड है या किसी अन्य स्रोत की है और बरगी क्रूज दुर्घटना से इसका कोई संबंध नहीं है।” इससे साफ होता है कि वायरल तस्वीर को बरगी क्रूज हादसे से जोड़कर गलत दावा सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है।

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