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गोनदूडीह में हिलटॉप आउटसोर्सिंग से कोयला तस्करी का आरोप, डीजीपी से जांच की मांग

👉कुसुंडा एरिया-6 में रात के अंधेरे में कोयले की अवैध निकासी, मिलीभगत के आरोप

👉हिलटॉप प्रोजेक्ट पर उठे सवाल: सीसीटीवी बंद कर चल रहा तस्करी का खेल?

👉बीसीसीएल को करोड़ों का नुकसान! गोनदूडीह में कोयला माफिया सक्रिय होने का दावा

धनबाद: कुसुंडा एरिया-6 अंतर्गत गोनदूडीह स्थित हिलटॉप आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट से बड़े पैमाने पर कोयले की अवैध तस्करी का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय पिछड़ा वर्ग संघ के जिला अध्यक्ष रत्नेश कुमार ने झारखंड के डीजीपी को पत्र लिखकर पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

पत्र में आरोप लगाया गया है कि इस आउटसोर्सिंग प्रोजेक्ट से रात के समय सुनियोजित तरीके से कोयला निकाला जा रहा है। बताया गया कि कंपनी के साइड इंचार्ज की कथित मिलीभगत से लोडर और वाहनों के जरिए माइंस से कोयला निकालकर पहले एक जगह जमा किया जाता है, जिसके बाद उसे ट्रकों में भरकर अवैध भट्टों तक भेज दिया जाता है।

आरोप यह भी है कि शाम होते ही माइंस में लगे सीसीटीवी कैमरों को बंद कर दिया जाता है, ताकि इस अवैध गतिविधि को अंजाम दिया जा सके। इसके बाद ट्रांसपोर्टिंग के नाम पर प्रतिदिन भारी मात्रा में कोयला बाहर निकाला जाता है।

बताया गया कि अवैध कोयला धड़ियाजगह, कुसुंडा, खैराकाबाद और भूली रंगिया बस्ती होते हुए गोविंदपुर, निरसा और पश्चिम बंगाल के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया जा रहा है। रोजाना कई वाहन इन मार्गों से गुजरते हैं, जिससे इस नेटवर्क के व्यापक होने की आशंका जताई गई है।

इस मामले में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर कोयला तस्करों को किसका संरक्षण प्राप्त है, जो बिना किसी भय के सरकारी संपत्ति की कथित लूट कर रहे हैं।

शिकायतकर्ता ने कहा है कि इस अवैध कारोबार से भारत कोकिंग कोल लिमिटेड को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है, वहीं सरकार के राजस्व पर भी असर पड़ रहा है।

डीजीपी से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

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