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Uttar Pradesh News बिधूना रोड़ स्थित हनुमान गढ़ी छोला मंदिर पर चल रही भागवत कथा में कथा वाचक आचार्य पंडित देवीप्रसाद तिवारी ने भक्त प्रह्लाद और ध्रुव की कथा का वर्णन किया।

भक्त प्रहलाद और भक्त ध्रुव की कथा  सुनकर श्रोता भाव विभोर रहे।

ब्यूरो चीफ सागर कुमार इटावा उत्तर प्रदेश 

कथा वाचक आचार्य देवी प्रसाद तिवारी ने कहा कि

राजा हिरण्यकश्यप अपने को भगवान मानने लगा था जब उसके ही घर में बालक के रूप में भक्त प्रह्लाद की प्रभु साधना देखकर ने  हिरण्यकश्यप ने कई यातनाएं दी पर वह भगवान नारायण की आराधना में लीन रहे। ध्रुव की कथा सुनाते हुए आचार्य ने कहा कि पांच साल की अल्पायु में में घर छोड़कर जा रहे ध्रुव को रास्ते में नारदजी मिले। नारद मुनि ने उससे कहा बेटा तुम घर जाओ तुम्हारे माता पिता चिंता करते होंगे। लेकिन ध्रुव नहीं मानें और कहा कि मैं नारायण की भक्ति करने जा रहा हूं। तब नारद मुनि ने  दीक्षा दी। वह ध्रुव नदी के तट पर तपस्या में लीन हो गए,उनकी कठोर तपस्या से भगवान नारायण प्रसन्न हो गए और उन्होंने दर्शन देकर कहा हे बालक मैं तेरे अंतरमन की व्यथा और इच्छा को जानता हूं। तेरी सभी इच्छापूर्ण होगी और वह लोक प्रदान करता हूं जो चारों और ज्योतिचक्र घुमता है और सूर्यादि सभी ग्रह और सप्तर्षि नक्षत्र जिसके चक्कर लगाते रहते हैं। प्रलयकाल में भी इस लोक का नाश नहीं होगा। सभी प्रकार के सर्वोत्तम ऐश्वर्य भोगकर अन्त समय में तू मेरे लोक को प्राप्त करेगा। कथा पंडाल में परीक्षत सतपाल सिंह जादौन समेत विजय सिंह, अभय प्रताप सिंह, राजवीर सिंह, रोहित सिंह, सोनपाल सिंह जादौन, बृजपाल सिंह जादौन, मलखान सिंह जादौन, रणवीर पोरवाल, राजू चौहान, राजेश चौहान आदि मौजूद रहे।

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