LPG Crisis LIVE: ‘सिलेंडर बुक करने पर ढाई दिन में डिलीवरी मिलेगी’, गैस से शिपिंग तक 4 मंत्रालयों ने बताया ईरान संकट पर ताजा हाल
LPG Cylinder Crisis LIVE Updates: अमेरिका और इजरायल के खिलाफ ईरान की लंबी खिंचती जंग का असर भारत पर भी पड़ता दिख रहा है. देशभर से एलपीजी सिलेंडर सप्लाई में भी दिक्कत की खबरें आ रही हैं. एलपीजी सप्लाई बंद होने जयपुर स्थित बोरोसिल के कारखाने में काम बंद करना पड़ा. वहीं लोगों का कहना है कि ब्लैक मार्केट में एक किलो रसोई गैस की कीमत 300-400 रुपये तक पहुंच गई है.
पश्चिम एशिया में ईरान और इजरायल के बीच छिड़ी जंग ने जहां पूरी दुनिया की सांसें अटका दी हैं वहीं भारत में ईंधन की किल्लत को लेकर उड़ रही अफवाहों पर सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा अपडेट दिया है. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने देशवासियों को बड़ी राहत देते हुए एलान किया है कि रसोई गैस की आपूर्ति को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है. अगर आप आज सिलेंडर बुक करते हैं तो महज ढाई दिन के भीतर डिलीवरी आपके घर तक सुनिश्चित की जाएगी. केंद्र सरकार ने पूर्णविराम 4 मंत्रालयों की प्रेस ब्रीफिंग में केंद्र सरकार की तरफ से ढ़ाई दिन में गैस सिलेंडर मिलने का दावा किया. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से स्पष्ट किया गया कि अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल के बावजूद हमारी सप्लाई चेन पूरी तरह सुरक्षित है.
2 तेल टैंकर जल्द भारत पहुंच रहे
सप्लाई और सुरक्षा का भरोसा मंत्रालय की वरिष्ठ अधिकारी सुजाता शर्मा ने आंकड़ों के साथ जानकारी देते हुए बताया कि भारत की दैनिक खपत लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल की है. उन्होंने आश्वस्त किया कि फिलहाल सप्लाई को लेकर चिंता की कोई बात नहीं है. मंत्रालय की तरफ से कहा गया कि सरकार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और वर्तमान में भारत के दो बड़े तेल टैंकर (शिप) समुद्र के रास्ते में हैं जो कुछ ही समय में भारतीय बंदरगाहों पर लंगर डालेंगे. यह इस बात का प्रमाण है कि वैश्विक युद्ध के बीच भी भारत का लॉजिस्टिक्स नेटवर्क मजबूती से काम कर रहा है. कीमतों और डिलीवरी का गणित घरेलू मोर्चे पर बात करें तो दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर की कीमत अब 913 रुपये हो गई है.
क्यों बढ़ाई 60 रुपये कीमत?
मंत्रालय ने स्वीकार किया कि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता के कारण इसमें 60 रुपये की हालिया बढ़ोतरी करनी पड़ी है. हालांकि, अधिकारी ने यह भी साफ किया कि यदि सरकार समय पर हस्तक्षेप नहीं करती तो बाजार में एलपीजी के दाम इससे कहीं ज्यादा ऊंचे स्तर पर होते. डिलीवरी के संबंध में सरकार ने बड़ी राहत देते हुए कहा है कि सिलेंडर बुक करने के मात्र ढाई दिन के भीतर उपभोक्ता के घर तक गैस पहुँच जाएगी.
पैनिक मत करें
पैनिक न हों सरकार ने जनता से विशेष अपील की है कि वे घबराहट (Panic) में आकर ईंधन की बुकिंग या खरीदारी न करें. यह एक वैश्विक चुनौती जरूर है, लेकिन भारत की ऊर्जा सुरक्षा पुख्ता है. अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि लोग अफवाहों से बचें और अनावश्यक भंडारण न करें, क्योंकि पैनिक बुकिंग से व्यवस्था पर बेवजह दबाव बढ़ता है.
राज्यों को जमाखोरी रोकने का आदेश
केंद्रीय गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों (DGP) के साथ बैठक की. बैठक में राज्यों को जमाखोरी और कालाबाज़ारी रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाने पर जोर दिया गया. इसके अलावा यह भी कहा गया कि जनता तक सही और भरोसेमंद जानकारी पहुंचाने के लिए हर राज्य एक अधिकृत प्रवक्ता नियुक्त करे, जो नियमित रूप से अपडेट साझा करे.
पश्चिम एशिया में जारी इस युद्ध के बीच उत्तर प्रदेश, बिहार से लेकर तेलंगाना और तमिलनाडु तक लाखों लोग एलपीजी सिलेंडर की किल्लत से जूझ रहे हैं. एलपीजी सप्लाई बंद होने जयपुर स्थित बोरोसिल के कारखाने में काम बंद करना पड़ा और कंपनी प्रबंधन ने करीब तीन हजार श्रमिकों को बुधवार से काम पर नहीं आने के लिए कह दिया है. वहीं दिल्ली हाईकोर्ट की लॉयर्स कैंटीन में एलपीजी गैस सिलेंडर उपलब्ध न होने के कारण फिलहाल मुख्य भोजन (मेन कोर्स) तैयार और परोसा नहीं जा रहा है.
बिहार सहित कई राज्यों में कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई रोक दी गई है. वहीं पटना से लेकर अयोध्या तक कई लोग सुबह ही गैस एजेंसी के गोदाम के बाहर लाइन लगाकर खड़े हैं. कई लोगों की शिकायत है कि गैस सिलेंडर की बुकिंग करवाने के बावजूद 4-5 दिनों तक एलपीजी सिलेंडर उन्हें नहीं मिल पाई है.
रसोई गैस की सप्लाई में दिक्कत की खबरों के सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. पूरे देश में केंद्र सरकार ने ईसीए यानी एसेंशियल कमोडिटी एक्ट लागू कर दिया है. केंद्र सरकार ने एलपीजी और सीएनजी की आपूर्ति तय करने के लिए बड़ा फैसला लिया है. सरकार के मुताबिक, आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी और कुछ उद्योगों को सीमित गैस आपूर्ति मिलेगी.
प्रधानमंत्री मोदी ने भी कैबिनेट मीटिंग में मंत्रियों को साफ निर्देश दिए कि पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर आम आदमी पर बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस वैश्विक उथल-पुथल के समय जनता का भरोसा बनाए रखना सबसे ज़रूरी है. प्रधानमंत्री ने मंत्रियों से कहा कि तेल की क़ीमतें स्थिर हैं, ये बात लोगों तक पहुंचाएं और ये भी बताएं कि देश में तेल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि भारत ने सप्लाई चेन मैनेजमेंट सिस्टम इस संकट को ध्यान में रखकर तैयार किया है, इसे भी जनता तक पहुंचाया जाए.
भारत सरकार ने दावा किया है कि इस जंग का तेल की कीमतों पर कोई असर नहीं पड़ेगा और देश में घरेलू उपभोक्ता के लिए गैस की कोई कमी नहीं है. सरकार की तरफ से बताया गया कि भारत में फ़िलहाल पेट्रोल और डीज़ल के दाम स्थिर ही रहेंगे वो नहीं बढ़ेंगे. वहीं गैस क़ीमतों में हुआ 60 रुपये का इजाफा मौजूदा हालत की वजह से नहीं, बल्कि पिछले साल की अंडरकवरी की वजह से बढ़े हैं.
दरअसल इजरायल और अमेरिका के खिलाफ ईरान की जंग के चलते मिडिल ईस्ट के प्रमुख ऊर्जा परिवहन मार्गों में आई बाधाओं के चलते पिछले एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार को ही इजाफा किया गया था. घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमत में 60 रुपये और कमर्शियल रसोई गैस सिलेंडरों की कीमत में 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई.
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