मेयर की कुर्सी केडिप्टी लिए तेज हुई सियासी सरगर्मी, पार्षदों के बीच समर्थन जुटाने की दौड़

👉धनबाद नगर निगम में डिप्टी मेयर पद पर घमासान, 28 पार्षदों के समर्थन की जंग शुरू
👉पार्षदों की बढ़ी अहमियत, डिप्टी मेयर चुनाव को लेकर बंद कमरों में रणनीति
👉डिप्टी मेयर की कुर्सी पर नजर, संभावित दावेदारों ने तेज की राजनीतिक गतिविधियां
👉18 मार्च को डिप्टी मेयर चुनाव, समर्थन के लिए नेताओं की सक्रियता बढ़ी
धनबाद: धनबाद नगर निगम चुनाव की मतगणना पूरी होते ही अब नगर निगम बोर्ड के दूसरे सबसे महत्वपूर्ण पद डिप्टी मेयर को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मेयर और वार्ड पार्षदों के परिणाम सामने आने के बाद अब विजयी पार्षदों की नजरें डिप्टी मेयर की कुर्सी पर टिक गई हैं।
परिणाम घोषित होते ही संभावित दावेदार सक्रिय हो गए हैं। पार्षदों से मुलाकातों का दौर शुरू हो चुका है। फोन कॉल, रणनीतिक बैठकों और बंद कमरों में समीकरण साधने की कवायद लगातार जारी है। कई राजनीतिक दलों के नेता भी पर्दे के पीछे से इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।
नगर निगम के 55 वार्डों से चुने गए पार्षदों के बीच से ही डिप्टी मेयर का चयन होना है। किसी भी उम्मीदवार को जीत के लिए न्यूनतम 28 पार्षदों का समर्थन जरूरी होगा। यही ‘28’ का आंकड़ा अब सियासी गणित का सबसे अहम केंद्र बन गया है। हालांकि अंदरखाने की रणनीति में 30 या उससे अधिक पार्षदों का समर्थन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है, ताकि चुनाव में किसी तरह का जोखिम न रहे।
सियासी हलकों में जिन नामों की सबसे अधिक चर्चा हो रही है, उनमें वार्ड सात के अरुण कुमार चौहान, वार्ड 22 की सुमन सिंह, वार्ड 33 की मेनका सिंह, वार्ड 26 के विकास रंजन और वार्ड 28 के मनोरंजन सिंह शामिल हैं। सूत्रों की मानें तो अंतिम समय में कुछ अन्य प्रभावशाली पार्षद भी दावेदारी पेश कर सकते हैं। फिलहाल कई संभावित उम्मीदवारों ने अपने पत्ते अभी नहीं खोले हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने डिप्टी मेयर पद के चुनाव के लिए 18 मार्च की तिथि निर्धारित करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। आवश्यकता पड़ने पर मतदान की प्रक्रिया भी कराई जाएगी। डिप्टी मेयर के चुनाव के बाद शहर सरकार औपचारिक रूप से कामकाज संभालेगी। इसके बाद प्रमंडलीय आयुक्त मेयर, डिप्टी मेयर और सभी 55 पार्षदों को शपथ दिलाएंगे।
सियासी गलियारों में चर्चा है कि डिप्टी मेयर पद को लेकर जातीय समीकरण, व्यक्तिगत संपर्क और भविष्य की राजनीतिक संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए समर्थन जुटाने की रणनीति तेज कर दी गई है। आने वाले दिनों में यह मुकाबला और भी दिलचस्प होने की संभावना है।
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