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शासकीय कन्या महाविद्यालय में “महिला सशक्तिकरण: आयाम, मुद्दे और प्राथमिकताएं” विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी संपन्न

शासकीय कन्या महाविद्यालय में “महिला सशक्तिकरण: आयाम, मुद्दे और प्राथमिकताएं” विषय पर दो दिवसीय संगोष्ठी संपन्न
कटनी – शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में “महिला सशक्तिकरण: आयाम, मुद्दे और प्राथमिकताएं” विषय पर राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी का आयोजन संपन्न हुआ। यह दो दिवसीय संगोष्ठी 27 एवं 28 फरवरी को आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य महिला सशक्तिकरण के विविध पहलुओं, मौजूदा चुनौतियों तथा भविष्य की प्राथमिकताओं पर गहन चिंतन-मनन एवं विचार-विमर्श करना था।
संगोष्ठी के द्वितीय दिवस शनिवार को कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। इनमें डॉ. ए.के. सिंह (सीईएसडी, महाराजा अग्रसेन विश्वविद्यालय, सोलन, हिमाचल प्रदेश), डॉ. सनत कुमार शर्मा (साउथ बिहार सेंट्रल विश्वविद्यालय, गया), डॉ. नुपुर निखिल देशकर (सहायक प्राध्यापक, मानकॅुवर बाई कला एवं वाणिज्य स्वशासी महाविद्यालय, जबलपुर), डॉ. उमा निगम, डॉ. माधुरी गर्ग (प्राध्यापक, हिंदी, शासकीय तिलक स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कटनी), डॉ. रितिका साहनी आहुजा (कटनी कला, वाणिज्य एवं विधि महाविद्यालय), डॉ. पारस जैन (डायरेक्टर, सिलकोबाइट कटनी डिग्री कॉलेज), डॉ. संध्या खरे (प्राचार्य, नालंदा बी.एड. कॉलेज), सुश्री वनश्री कुर्वेती (सहायक संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग, कटनी), सुश्री अंकिता तिवारी (जिला उपाध्यक्ष, भाजपा) आदि प्रमुख थे। महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. चित्रा प्रभात एवं संगोष्ठी संयोजक डॉ. सुनील कुमार ने आयोजन में महत्वपूर्ण र्भूमिका निभाई
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इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, बिहार सहित विभिन्न राज्यों से विषय विशेषज्ञ, विद्वान, प्राध्यापक तथा शोध छात्र-छात्राएँ सक्रिय रूप से शामिल हुए। कटनी जिले के शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों के प्रतिनिधियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगोष्ठी में महिला सशक्तिकरण से जुड़े सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक, कानूनी एवं सांस्कृतिक आयामों पर गहन चर्चा हुई।
द्वितीय दिवस के तृतीय तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. ए. के. सिंह ने की। विषय विशेषज्ञ के रूप में डॉ. सनत कुमार शर्मा तथा रिपोर्टरियर के रूप में डॉ. दीपक भगवान पाटिल (जलगांव, महाराष्ट्र) उपस्थित रहे। इस सत्र में डॉ. नुपुर निखिल देशकर, डॉ. रितिका साहनी आहुजा सहित अन्य विद्वानों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए तथा महिला सशक्तिकरण के विभिन्न आयामों पर विचार व्यक्त किए।

चतुर्थ तकनीकी सत्र की अध्यक्षता डॉ. सनत कुमार शर्मा ने की। विषय विशेषज्ञ डॉ. ए.के. सिंह तथा रिपोर्टरियर डॉ. अर्पित द्विवेदी रहे। इस सत्र में डॉ. गढ़पत ढेबरे, डॉ. नितिन कुमार पटेल, डॉ. दीपक भगवान पाटिल, डॉ. अर्पित द्विवेदी, कुमारी शिल्पी सिंह, कुमारी रचना नवानी आदि ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत कर संगोष्ठी को समृद्ध किया। प्रतिभागियों ने महिला शिक्षा, आर्थिक स्वावलंबन, लैंगिक समानता, घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर चुनौतियाँ तथा नीतिगत सुधारों जैसे मुद्दों पर प्रकाश डाला।
समापन सत्र में कटनी-मुड़वारा के विधायक संदीप श्रीप्रसाद जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि महिलाओं का वास्तविक सशक्तिकरण तभी संभव है, जब शासकीय कन्या महाविद्यालय, कटनी में छात्राओं के लिए अधिक से अधिक सुविधाएँ, संसाधन एवं अवसर उपलब्ध कराए जाएँ। इसके लिए वे शासन स्तर पर सक्रिय प्रयास कर रहे हैं।
समापन पर सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। सम्मानित अतिथियों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए। आभार प्रदर्शन राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक डॉ. सुनील कुमार द्वारा किया गया।

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