गोण्डा /कृषि विज्ञान केंद्र, मनकापुर मधुमक्खी पालन विषयक सात दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के कृषि विज्ञान केंद्र, मनकापुर,गोंडा पर सात दिवसीय मधुमक्खी पालन विषयक प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ ।
प्रशिक्षण 6 फरवरी 2026 से 12 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया । उपरोक्त कार्यक्रम केंद्र पर चल रही राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड की मिनि-1 परियोजना के अंतर्गत कराया गया । प्रशिक्षण में जनपद के विभिन्न विकासखण्डों से आए हुए ने प्रतिभाग किया तथा मधुमक्खी पालन से सम्बंधित समस्त जानकारी प्राप्त की ।
परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ. हनुमान प्रसाद पांडे ने बताया कि किसान खेती के साथ-साथ कृषि के विभिन्न आयामों को अपना कर अपनी आय मे वृद्धि कर सकते हैं । जनपद में तिलहनी फसलें काफी क्षेत्रफल में उगाई जाती हैं, जहां पर मधुमक्खी पालन किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ फसलों में परागण की क्रिया को अच्छा करने में मददगार साबित होती हैं तथा तिलहनी फसलों का उत्पादन 15 से 20% तक बढ़ जाता है । तिलहनी फसलों की खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन करने से किसान की आय में वृद्धि होगी । केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एस.के.वर्मा ने बताया कि केंद्र के द्वारा जनपद के आठ विकासखण्डों में 100 हे. क्षेत्रफल में सरसों के प्रदर्शन कराए गये हैं ।
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अजीत सिंह वत्स ने मधुमक्खी की विभिन्न प्रजातियों का रहन-सहन, भोजन इत्यादि विषय पर विस्तृत जानकारी दी । केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. मनोज सिंह ने औद्यानिक फसलों के साथ मधुमक्खी पालन एक लाभकारी व्यवसाय पर जानकारी दी । केंद्र के वैज्ञानिक डा रामलखन सिंह ने मधुमक्खी पालन से अतिरिक्त आय तथा डॉ. डी.के. श्रीवास्तव ने मधुमक्खिय पालन हेतु उपयुक्त बागवनी फसलों की जानकारी दी । डॉ. ज्ञानदीप गुप्ता ने मधुमक्खी पालन के लिए आर्थिक सहयोग हेतु उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग तथा जिला उद्योग केंद्र से समन्वय स्थापित करने पर बल दिया । प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण किट, समापन अवसर पर प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, मधुमक्खी कैप एवं दस्ताना का निशुल्क वितरण किया गया । इस प्रशिक्षण में राजेश वर्मा, रामसागर वर्मा, आशीष सिंह समेत कुल 25 प्रशिक्षणार्थियों ने प्रतिभाग किया ।

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