अत्यंत श्रद्धा व वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ श्री ओंकारेश्वर मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का चौथा दिन

शहर के मैत्री संघ मार्ग स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में आयोजित पांच दिवसीय प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव के चौथे दिन फाल्गुन कृष्ण पंचमी के पावन अवसर पर विविध धार्मिक अनुष्ठान अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ संपन्न हुए। कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः सर्वप्रथम गौ पूजन से की गई। वैदिक मंत्रों के उच्चारण के बीच सर्व देवों में श्रेष्ठ मानी जाने वाली गौ माता का विधिवत पूजन किया गया।

मुख्य यजमान मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं महापौर संजय पाण्डेय एवं श्रीमती रेखा पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्रद्धा भाव से गौ पूजा संपन्न कराई। इसके पश्चात आदर्श दर्शन, मंदिर शुद्धि एवं शिला स्थापना कार्यक्रम विधिविधान से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर श्री ओंकारेश्वर सहित मंदिर में विराजित समस्त विग्रहों का गर्भगृह प्रवेश एवं विधिवत प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान संपन्न कराया गया। मुख्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह अभिजित मुहूर्त में दोपहर के समय संपन्न हुआ। साथ ही देवताओं के गर्भ प्रवेश का अनुष्ठान भी पूर्ण कराया गया।

देवताओं की स्थापना से पूर्व निर्धारित स्थान पर कछुए की आकृति की शिला स्थापित की गई, जिसके ऊपर नवरत्न एवं विभिन्न धातुओं (स्वर्ण, रजत आदि) से युक्त ब्रह्म शिला को स्थापित किया गया। यह प्रक्रिया वैदिक परंपरा के अनुसार की गई। प्राण-प्रतिष्ठा के पश्चात भगवान श्री ओंकारेश्वर का प्रथम बार दिव्य श्रृंगार किया गया। इस दौरान श्री ओंकारेश्वर सहित सभी विग्रहों का अभिषेक एवं श्रृंगार संपन्न हुआ। मंदिर में विराजित समस्त देव विग्रहों के दिव्य दर्शन का लाभ बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों ने प्राप्त किया।

शाम के समय यज्ञ की पूर्णाहुति संपन्न कराई गई। इसके पश्चात विशेष रूप से 360 दीपों का दीपदान किया गया। ज्योतिषीय गणना के अनुसार वर्ष के 360 दिनों का प्रतीक मानते हुए प्रत्येक दिन के लिए भगवान शिव के नाम से एक दीप प्रज्ज्वलित किया गया। इस आयोजन में श्रद्धालुओं ने अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य के नाम से दीपदान कर पुण्य लाभ अर्जित किया। कार्यक्रम का समापन महाआरती के साथ किया गया, जिसमें समूचा मंदिर परिसर भक्तिरस से सराबोर हो गया। उल्लेखनीय है कि मैत्री संघ मार्ग स्थित श्री ओंकारेश्वर मंदिर में भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा 3 फरवरी से 7 फरवरी तक मनाई जा रही है। मंदिर परिसर में श्री ओंकारेश्वर महादेव, भगवान श्री गणेश, मां दुर्गा, राम दरबार, भगवान हनुमान एवं माता संतोषी की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। महोत्सव का समापन शनिवार को दोपहर 1 बजे से महाप्रसाद भंडारे के साथ होगा।

इस अवसर पर मंदिर समिति के अध्यक्ष एवं महापौर संजय पाण्डेय ने कहा कि श्री ओंकारेश्वर मंदिर का प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव वार्ड की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान को सुदृढ़ करेगा तथा सामाजिक समरसता को और अधिक मजबूत करेगा। पूजन कार्यक्रम में आचार्य रोमित राज त्रिपाठी, आचार्य शिव मिश्रा, आचार्य मानस रंजन दास, आचार्य हेमंत शर्मा, पंडित चंदन तिवारी, पंडित शुभंकर मिश्रा, पंडित मृत्युंजय, पंडित अर्जुन मिश्रा, पंडित तापस सहित उपस्थित रहे।

वहीं कार्यक्रम में मुख्य यजमान संजय पाण्डेय, श्रीमती रेखा पाण्डेय के साथ सुकुमार धर, पी. रंगाचार्य, राजेश महावर, देवेंद्र देवांगन, सुब्रा दास, नंदनी आचार्य, शारदा पटेल, अनीता कुंडू, अरुण राव, अभय राय, अर्चना शाह, देवाशीष चौधरी, धर्मेंद्र पटेल, गोविंद पाल, किरण सोनी, मुन्नी सिंह, मुरलीधर झा, रजनी पाठक, पूनम वर्मा, प्रवीण श्रीवास्तव, संध्या महावर, मंजू यादव, सुषमा ठाकुर, रंजन पाण्डेय, स्वाति चटर्जी, लिलिमा शाह, पूजा घोष, भगवती बघेल, रजनी महावर, अभ्या शुक्ला, आशा शुक्ला, दीपा चौधरी, मंजू शुक्ला, शोभा धर, सुशीला देवी गुप्ता, अरुणा आचार्य सहित बड़ी संख्या में वार्डवासी उपस्थित रहे।



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