धान स्लॉट बुकिंग बंद होने से किसान बेहाल,समर्थन मूल्य पर बिक्री संकट में।
सरकारी समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन की प्रक्रिया में गंभीर अव्यवस्थाओं के चलते किसान भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। धान विक्रय के लिए पंजीयन करा चुके किसानों को स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि पहले 9 जनवरी निर्धारित की गई थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 13 जनवरी किया गया, जबकि धान बेचने की अंतिम तिथि 20 जनवरी तय है। इसके बावजूद 9 जनवरी से पहले ही ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग पोर्टल बंद हो जाने से किसानों में गहरी चिंता और आक्रोश है।
कटनी और आसपास के क्षेत्रों के किसान सरकारी समर्थन मूल्य पर अपनी धान की फसल बेचने को लेकर असमंजस में हैं। नियमों के अनुसार किसानों को खरीदी केंद्र में फसल बेचने से पहले ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग कराना अनिवार्य है, लेकिन पोर्टल बंद होने के कारण यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। हैरानी की बात यह है कि किसानों के मोबाइल फोन पर अब भी संदेश आ रहे हैं, जिनमें स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 13 जनवरी बताई जा रही है, जबकि वास्तव में पोर्टल उपलब्ध नहीं है।
9 जनवरी की सुबह से ही स्लॉट बुकिंग बंद होने के कारण गरीब और छोटे किसान दिन-रात अपने मोबाइल फोन पर पोर्टल खुलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। कई किसान ऑनलाइन दुकानों और कॉमन सर्विस सेंटरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं, लेकिन हर जगह उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार है, लेकिन स्लॉट न मिलने से सरकारी समर्थन मूल्य पर बिक्री संभव नहीं हो पा रही, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि बंद पड़े स्लॉट बुकिंग पोर्टल को तत्काल चालू किया जाए और स्लॉट बुकिंग की तिथि में और बढ़ोतरी की जाए, ताकि सभी पंजीकृत किसान समय पर अपनी धान की फसल बेच सकें। वर्तमान स्थिति में यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया, तो किसानों को मजबूरी में अपनी उपज कम दामों पर बेचनी पड़ सकती है।
स्लॉट बुकिंग पोर्टल बंद रहने के कारण किसानों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही खड़ा हो गया है कि उनकी मेहनत से उगाई गई धान की फसल का आखिर क्या होगा। सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य का लाभ समय पर न मिल पाने से किसानों की आजीविका पर संकट गहराता जा रहा है।


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