
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
संत हिरदाराम नगर – संत नगर रेलवे माल गोदाम के पास चल रही सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के पांचवे दिन शनिवार को कथा व्यास आचार्य श्रीवत्स महाराज ने बताया कि श्रीमद्भाग्वतम् सर्व वेदान्त का सार है। उस रसामृत के पान से जो तृप्त हो गया है उसे किसी अन्य जगह पर कोई रति नहीं हो सकती। ;अर्थात उसे किसी अन्य वस्तु में आनन्द नहीं आ सकता। सात दिनों तक निरंतर भागवत कथा का श्रावण करने से मन में शुद्धता और निर्मलता का वास होता है। मस्तिष्क मन और हृदय निर्मल हो जाते हैं। इसके श्रवण से जन्म जन्मांतर के विकार नष्ट होकर प्राणी मात्र का लौकिक आध्यात्मिक विकास होता है। मन में सही और गलत को समझने की क्षमता बढ़ती है। भागवत कथा कल्पवृक्ष के समान है। इससे श्रवण से सभी मनोकामनाओं की पूर्ति की जा सकती है। कथा के श्रवण मात्र से ही प्राणी मात्र का कल्याण संभव है। भागवत कथा सुनने से हिंदू धर्म के कर्मकांड, नियम, दर्शन, ब्रह्मांड, सृष्टि निर्माण, जन्म.मरण, पुनर्जन्म सप्तलोक प्रलय, आत्मा, परमात्मा, काल इतिहास और भविष्य का संक्षिप्त ज्ञान हो जाता है। व्यासपीठ की पूजन बजरंग सेना समिति के मुख्य सलाहाकार रुप कुमार सोनी, अध्यक्ष कमलेश देवानी, गुरदास रामचंदानी, राज बिजोरिया पण्डित राज कुमार गर्ग, राजकुमार धानुक, विष्णु नाथानी, बी.के. सेन, रमेश कुमार तोलानी, शम्मी गंगवानी, हनी देवानी, राजेश केवलानी आदि कई श्रोता उपस्थित थे। पंडित रवि पटेरिया ने बताया कि कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से प्रभु इच्छा तक चल रही है।




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