बाघमारा में राशन घोटाले पर प्रशासन की सर्जिकल स्ट्राइक — 625 कार्ड रद्द, 35 को नोटिस

👉बाघमारा में बड़ी कार्रवाई: फर्जी राशन कार्डधारकों पर गिरी गाज, 625 कार्ड स्थायी रूप से रद्द
👉खाद्य सुरक्षा योजना में गड़बड़ी उजागर — बाघमारा में 625 लाभुकों के कार्ड डिलीट, अमीरों पर कार्रवाई शुरू
बाघमारा, धनबाद:
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत बाघमारा प्रखंड प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 625 अपात्र राशन कार्डों को स्थायी रूप से रद्द कर दिया है। प्रशासन की जांच में पाया गया कि इन कार्डों से महीनों से अनाज का उठाव नहीं हो रहा था या फिर इनका दुरुपयोग किया जा रहा था।
जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि करीब 30 से 35 ऐसे लाभुक, जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं — जिनके पास चारपहिया वाहन हैं, आयकर दाता हैं या क्रीमीलेयर वर्ग से हैं — वे भी सरकारी राशन का लाभ उठा रहे थे। इन सभी को नोटिस जारी करते हुए सात दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया गया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर उनके कार्ड भी रद्द कर दिए जाएंगे।
प्रखंड प्रशासन को यह भी पता चला कि कुछ मृत व्यक्तियों के नाम पर भी अनाज उठाया जा रहा था। उदाहरण के तौर पर, सपन कुमार पांडेय (कार्ड संख्या 202001745329) की मृत्यु के बावजूद उनके नाम से राशन का उठाव जारी था। इसी तरह, संजय कुमार और संजय सिंह सहित अन्य लोगों को भी कारण बताओ नोटिस भेजा गया है।
फिलहाल प्रखंड में 190 पीडीएस दुकानें संचालित हैं। जांच के दौरान अनियमितता पाए जाने पर डीलर उषा देवी का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है, जबकि डीलर सुधीर मंडल को छुट्टी पर भेजा गया है। कई अन्य डीलरों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
अभियान के दूसरे चरण में प्रशासन जरूरतमंद परिवारों को योजना से जोड़ने में जुटा है। अब तक 150 नए राशन कार्ड जारी किए जा चुके हैं, जबकि वेटिंग लिस्ट के 20 परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर पीएच कार्ड दिए गए हैं।
प्रभारी आपूर्ति पदाधिकारी रघुवंश भारती ने बताया कि यह कार्रवाई उपायुक्त के निर्देश पर की गई है। उन्होंने कहा कि आधार, बैंक खाता और आय सत्यापन के बाद ही कार्डों की पुनर्बहाली की जा रही है। इस कदम से हर महीने लगभग 300 क्विंटल अनाज की बचत होगी, जो अब वास्तविक हकदारों तक पहुंचेगा।

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