
रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
स्कूल शिक्षा विभाग का 2 दिवसीय राज्य स्तरीय कला उत्सव शुक्रवार 24 अक्टूबर से भोपाल के कलियासोत कोलार रोड़ के मध्यप्रदेश भूमि एवं जल प्रबंधन संस्थान (वाल्मी) में शुरू हुआ। राज्य स्तरीय कला उत्सवपहले दिन गायन, वादन, नृत्य, नाटक, कहानी वाचन, मूर्तिकला, चित्रकला, स्थानीय शिल्प एवं खेल-खिलौना निर्माण की प्रतियोगिताएँ प्रारंभ हुईं। कार्यक्रम का आकर्षण प्रदेश की लोक संस्कृति पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियां रहीं। कार्यक्रम के शुभारंभ सत्र में अपर परियोजना संचालक समग्र शिक्षा अभियान मनीषा सेतिया ने विद्यार्थियों से कहा कि कला उत्सव वास्तव में बच्चों का उत्सव है, जो उन्हें अपनी संस्कृति, परंपरा और मूल्यों से जोड़ता है। यह आयोजन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्यों को साकार करता है और भारत की समृद्ध कला परंपरा से विद्यार्थियों को परिचित कराता है। कला उत्सव के माध्यम से बच्चे पुस्तकों से बाहर निकलकर विभिन्न कलाओं में दक्ष बनते हैं। यह आयोजन भारतीय कला के संरक्षण का महत्वपूर्ण माध्यम है।इस दो दिवसीय राज्य स्तरीय कला उत्सव में मध्यप्रदेश के 9 संभागों से लगभग 250 विद्यार्थी सहभागिता कर रहे हैं। कुल 12 प्रतियोगिता श्रेणियों में विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। कला उत्सव का उद्देश्य वर्ष 2015 में शिक्षा मंत्रालय, केन्द्र सरकार द्वारा प्रारंभ किया गया कला उत्सव कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को भारतीय कलाओं से जोड़ने का माध्यम है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में भारतीय कला, संस्कृति एवं शिल्प परंपराओं के प्रति समझ, संवेदना और सम्मान का विकास करना है। राज्य स्तरीय कला उत्सव का समापन समारोह 25 अक्टूबर शनिवार को दोपहर 3 बजे होगा। जिसमें सभी विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा। आगामी राष्ट्रीय कला उत्सव का आयोजन शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 15 नवंबर से महाराष्ट्र के पुणे में किया जाएगा, जिसमें राज्य स्तर के विजेता प्रतिभागी मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे।




Subscribe to my channel