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Haryana News बच्चों को समाज का उत्तम नागरिक बनाने के लिए माता-पिता को उत्तम माता-पिता बनना चाहिए – विपिन कुमार शर्मा

रिपोर्टर सतीश नारनौल हरियाणा

हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद्, चण्डीगढ की जिला शाखा नारनौल द्धारा आजादी की 75वीं वर्षगांठ आजादी के अमृत महोत्सव के तहत श्री जे0 के0 आभीर, उपायुक्त एवं अध्यक्ष जिला बाल कल्याण परिषद् नारनौल के मार्गदर्शन में आज दिनांक 29-03-2023 को बाबा दुधाधारी सेवा समित्ति ढोहरखुर्द द्धारा आयोजित प्राथमिक पाठशाला ढोहरखुर्द में आयोजित संस्कार कार्यशाला में नैतिक मूल्यों की शिक्षा पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया जिसमें स्कूल के सभी विद्याार्थी एवं अध्यापको व ग्रामिणों को सम्बोधित करते हुए मुख्य वक्ता पूर्व जिला बाल कल्याण अधिकारी एवं योजना के नोडल अधिकारी विपिन कुमार शर्मा ने कहा कि बालक सबसे पहले घर के वातावरण से प्रभावित होता हैं। घर एक प्राथमिक पाठशाला होती हैं, जिसमें माता और पिता उसके गुरू होते हैं। अपने अभिभावको के जीवन का बालक पर बहुत गहरा असर पड़ता हैं यदि माता-पिता का ग्रहस्थ जीवन सुखी नही है तों बच्चा कभी भी सुखी नही रह सकता है। यदि घर में हमशा कलह-कलेश मची रहती है, माता-पिता की आपस में अनबन रहती हैं तो बालक पर इसका गलत प्रभाव पड़ता हैं और अपने भावी सामाजिक जीवन में वह असफल रहता हैं। जब घर में लड़ाई झगड़ा लगा रहता हैं और बालक उस स्थिति को देखता है उसके मन में ग्रहस्थ जीवन के प्रति घृणा उत्पन्न हो जाती है।

आपस में लड़ने झगड़ने वाले माता-पिता बालक को एक अच्छा नागरिक नहीं बना सकते। अतः बच्चों को समाज का उत्तम नागरिक बनानें के लिए माता-पिता को उत्तम माता-पिता बनना चाहिएं। क्योंकि जैसा बीज बोयेंगे वैसा ही फल पैदा होगा। लड़ाई झगड़े के अतिरिक्त कई और ऐसी बातें होती है जिनका बालक के ऊपर अदृश्य रूप से प्रभाव पड़ता है। जैसे किसी गलती के कारण पिता बच्चें को मार देता है और माॅ बच्चें का पक्ष लेकर पिता से लड़ने लगती है तो बच्चे के मन में माता-पिता के प्रति भेदभाव पैदा हो जाता है। जिस घर में बच्चें ज्यादा हो, माता-पिता को उन सब से समान रूप में व्यवहार करना चाहिए। अधिकतर यही देखा जाता है कि किसी बच्चें पर माता-पिता का अत्यधिक लगाव होता है तथा अन्य बच्चों को उपेक्षा की दृष्टि से देखा जाता है। ऐसे ही व्यवहार से बच्चों में वैमनस्य पैदा हो जाता है। अतः बच्चों के साथ समानता का व्यवहार करना चाहिए। सभी बच्चों को अच्छी शिक्षा के साथ-साथ अच्छे नैतिक मूल्यों को भी अपने जीवन में धारण करना चाहिए ताकि अच्छे समाज व राष्ट्र का निमार्ण हो सकें। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि श्री हरीश शर्मा सामाजिक कार्यकर्ता ने सभी आगन्तुको का स्वागत एवं आभार व्यक्त करते हुए अपने विचार व्यक्त किए कि आज की कार्यशाला में बताए गए नैतिक मूल्यों को बच्चों एवं बड़ो को सभी को अवधारण करना चाहिए। इस अवसर पर श्री सुरेन्द्र शर्मा तीरन्दाजी कोच बाल भवन नारनौल, हरीश शर्मा जी सामाजिक कार्यकर्ता, महिपाल जी (सरपंच प्रतिनिधि), शेरसिंह पूर्व डी0पी0ई0, बाबुलाल मुख्य अध्यापक, अमित शर्मा अध्यापक, जगराम आर्य, विनोद आर्य, बलवान सिंह जी, नित्यानंद जी, स्कूल के सभी बच्चें तथा काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहें।

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