Chhattisgarh New :निगम मंडल में अध्यक्षों की नियुक्ति एवं सदस्यों की नियुक्ति कब होगी।
भारतीय जनता पार्टी कार्यकाल की दौरान मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ उसके बाद अब महत्वपूर्ण चीज है निगम मंडल में अध्यक्षों की नियुक्ति एवं कार्यकारिणी का गठन।

ब्यूरो चीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी है सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार हो चुका है मंत्रिमंडल के विस्तार होने के पश्चात अब महत्वपूर्ण चीज यह है कि विभिन्न निगम मंडल में अध्यक्षों की नियुक्ति उपाध्यक्षों की नियुक्ति कार्यकारिणी की गठन कब होगी यह भी संशय बरकरार है क्योंकि जिस तरह से मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है जल्दबाजी में इस तरह से ऐसा लगता है कि निगम मंडल में भी अध्यक्षों की भी एवं उपाध्यक्षों की नियुक्ति जल्दबाजी में होने की संभावना नजर आ रही है क्योंकि अभी गणेश चतुर्थी का पर्व चल रहा है गणेश चतुर्थी के पश्चात पितृपक्ष का कार्यक्रम होता है जिसमें शुभ कार्य नहीं किया जाता और जो भी शुभ कार्य होगा नवरात्रि के बाद में होगा वर्तमान भारतीय जनता पार्टी की जो मुख्यमंत्री बनी हुई है वह कैसे आधे अधूरे नियुक्त करके रखी है जो लोग कार्य भी नहीं कर रहे हैं। स्कूल कॉलेज में भी अध्यक्ष शाला विकास समिति का अध्यक्ष नगर विकास समिति का अध्यक्ष महाविद्यालय विकास समिति का अध्यक्ष इन पदों में नियुक्तियां नहीं हुई है साथी इन स्थानों पर उपाध्यक्ष एवं कार्यकारिणी का भी गठन नहीं हुआ है और जो भी है
इस पद पर नियुक्त वह निरीक्षण करने नहीं जाता है केवल अपने घर में बैठा रहता है क्या हो रहा है क्या नहीं हो रहा है गतिविधियों पर विशेष निगरानी नहीं किया जाता क्योंकि जैसा चल रहा है की रेलगाड़ी वैसे ही चला जाता है मगर जब रेलगाड़ी दुर्घटना हो जाता है तो पता चलता है कि इस जगह यह खराबी था ऐसे ही स्थिति स्कूलों की शैक्षणिक व्यवस्था है सरकारी स्कूलों में तो और शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई है जिससे शैक्षणिक स्तर काम हो गया है परीक्षा फल निराशाजनक हो जाती है कार्यालय कलेक्टर एवं मुख्य सचिव का आदेश रहता है कि प्रत्येक निगम मंडल के अध्यक्ष शाला विकास समिति के अध्यक्ष नगर पालिक अधिकारी भी स्कूलों का निरीक्षण कर सकते हैं शैक्षणिक गतिविधियों पर मगर वह सब कोई निरीक्षण करने नहीं जाते जिसके कारण सरकारी स्कूलों का परीक्षा फल का स्तर निम्न स्तर पर है। वह इसलिए है कि क्योंकि जितने भी निगम मंडल के अध्यक्षों की नियुक्ति की जाती है उनके ही बच्चे प्राइवेट स्कूलों में पढ़ने जाते हैं तो उनको कोई मतलब नहीं रहता इसलिए निगम मंडल के अध्यक्ष स्वतंत्र रूप से अपने स्थान पर विराजमान है सरकारी स्कूल की दाल भात सेवा केंद्र के रूप में संचालित है मध्यान भोजन के नाम से संचालित है शैक्षणिक विकास के नाम से संचालित नहीं है। अब देखना यह है कि इस समाचार के निकलने के पश्चात क्या भारतीय जनता पार्टी कार्यकाल की मुख्यमंत्री बचा हुआ स्थान पर निगम मंडल की अध्यक्षों की नियुक्ति कर पता है कि नहीं साला विकास समिति का भी गठन करवा सकता है कि नहीं यह देखना होगा। रिपोर्टर राकेश कुमार साहू कहते हैं कि कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री थे तो सभी स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में निगम मंडल की अध्यक्षों की कार्यकारिणी की भी गठन कर दिया था मगर वर्तमान भारतीय जनता पार्टी कार्यकाल की मुख्यमंत्री डबल इंजन की सरकार रहते हुए संतुष्ट करके नहीं रखा है निगम मंडल की अध्यक्षों की नियुक्ति अधूरी रह गई है।


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