
टेलीमेडिसिन सेवा में भागलपुर की बड़ी उपलब्धि, लक्ष्य से 111% ज्यादा मरीजों का इलाज
भागलपुर: जिले के सरकारी अस्पतालों में टेलीमेडिसिन (ई-संजीवनी) सेवा ने इलाज की तस्वीर बदल दी है। मरीजों की सुविधा और त्वरित इलाज के लिहाज से यह सेवा अत्यंत कारगर साबित हो रही है। जून माह में इस सेवा के तहत भागलपुर जिले ने राज्य स्तर पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है, जो जिले के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
मुख्यालय द्वारा 40,875 मरीजों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि 60 से अधिक डॉक्टरों की टीम ने मिलकर 45,338 मरीजों का इलाज ऑनलाइन माध्यम से किया। इस तरह जिले ने लक्ष्य का 111 प्रतिशत प्राप्त कर बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जबकि श्रावणी मेला के दौरान करीब 10 दिन तक सेवा बाधित रही।
मरीजों को मिल रहा है सीधा लाभ
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जिले के सीएचसी (सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र) और यूपीएचसी (शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) पर बड़ी संख्या में मरीज टेलीमेडिसिन सेवा का लाभ उठा रहे हैं।
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मरीज अपनी सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं को लेकर इन केंद्रों पर पहुंचते हैं, जहां ऑनलाइन परामर्श के माध्यम से चिकित्सक इलाज करते हैं।
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इलाज के बाद दवाओं और जांच का पर्चा नर्सों के मोबाइल पर भेजा जाता है, जिसे मरीज को उपलब्ध कराया जाता है।
ग्रामीण इलाकों में खास असर
ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को पहले साधारण बीमारी के लिए सदर अस्पताल या मेडिकल कॉलेज का रुख करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती थी। अब टेलीमेडिसिन के जरिए केवल दो घंटे में इलाज, जांच और दवा उपलब्ध हो रही है, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है।
सेवा फिर पटरी पर
श्रावणी मेले के कारण कुछ समय के लिए यह सेवा बाधित रही थी, लेकिन अब सेवा पुनः पूरी तरह बहाल हो चुकी है। सबौर सीएचसी के चिकित्सक डॉ. जयकुमार के अनुसार, “यह सेवा मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है। इलाज में लगने वाला समय कम हुआ है और दवा व जांच की प्रक्रिया आसान हो गई है।”


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