
रिपोर्टर कपिल देव शर्मा सीकर राजस्थान
हिंदू पंचांग के अनुसार, प्रत्येक वर्ष चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को माता शीतला की पूजा का विधान है। इसे शीतला अष्टमी और बसौड़ा अष्टमी भी कहा जाता है। बसौड़ा शीतला माता को समर्पित लोकप्रिय त्योहार है। ये पर्व होली के आठवें दिन मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन पूजा के समय माता शीतला को पर मीठे चावलों का भोग लगाया जाता है। ये चावल गुड़ या गन्ने के रस से बनाए जाते हैं। खासतौर पर इस दिन मां शीतला को बासी पकवानों का भोग लगाया जाता है। खुद भी बासी और ठंडा भोजन किया जाता है। मान्यता है कि शीतला अष्टमी के दिन पूरे विधि विधान के साथ पूजा करने से बीमारियों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख शांति बनी रहती है। इस साल शीतला अष्टमी 15 मार्च को है। शीतला अष्टमी 2023 तिथि पंचांग के अनुसार चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 14 मार्च 2023 को रात 08 बजकर 22 मिनट से शुरू हो रही है। इसका समापन 15 मार्च 2023 को शाम 06 बजकर 45 मिनट पर होगा। इस तरह 15 मार्च को शीतला अष्टमी होगी।
शीतला अष्टमी 2023 मुहूर्त 15 मार्च को शीतला माता की पूजा का मुहूर्त 15 मार्च की सुबह 06 बजकर 30 मिनट से शाम 06 बजकर 29 मिनट तक है। एक दिन पहले मनाई जाती है शीतला सप्तमी शीतला अष्टमी से एक दिन पहले शीतला सप्तमी मनाई जाती है। इस बार शीतला सप्तमी 13 मार्च 2023 की रात 9 बजकर 27 मिनट से शुरू हो रही है। इसका समापन 14 मार्च 2023 की रात 8 बजकर 22 मिनट पर है। उदया तिथि के अनुसार शीतला सप्तमी 14 मार्च को है। इस दिन शीतला माता की पूजा सुबह 06 बजकर 31 मिनट से शाम 06 बजकर 29 मिनट तक किया जा सकेगा।



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