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Madhya Pradesh News 6 फरार आरोपी की जानकारी देने पर पुलिस अधीक्षक मंडला ने किया इनाम घोषित

✍️रिपोर्टर इन्द्रमेन मार्को मंडला मध्यप्रदेश

1. अनिरुद्ध सिंह चतुर्वेदी पर ₹10000 की इनामी राशि घोषित

2. रामजी द्विवेदी ₹10000 की इनामी राशि घोषित

3. अमित खंपरिया पर ₹10000 की इनामी राशि घोषित

4.दसरथ प्रसाद पर ₹3000 की इनामी राशि घोषित

5. श्यामसुंदर पर ₹3000 की इनामी राशि घोषित

6.विराट तिवारी ₹3000 की इनामी राशि घोषित

मंडला – अपने पिता और अन्य आरोपियों की जगह पर किसी और लोगों को भाड़े पर लेकर जेल कटवाने वाले अमित खम्परिया और उसके साथियों पर एक और गंभीर अपराध का मामला दर्ज हो गया है। फर्जी लोगों को पिता चाचा और मौसा बनाकर जेल भेजने वाले धोखाधड़ी में लंबे समय से फरार चल रहे चिटलर अमित खम्परिया, पार्टनर अमित द्विवेदी समेत आठ लोगों पर मंडला है। पुलिस ने धोखाधड़ी, साक्ष्य छुपाने समेत अन्य विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। उक्त पूरी कार्रवाई जबलपुर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ बहुगुणा के निर्देश पर बरगी सीएसपी सुश्री प्रियंका शुक्ला की अगुवाई में गठित एसआईटी के 704 पन्नों के प्रतिवेदन पर की गई। जबलपुर पुलिस अध्यक्ष को पीड़ित ने गुहार लगाकर इस पूरे मामले की सच्चाई बताई थी और इन्साफ की गुहार लगाई थी। यह वही अमित खम्परिया है जो खुद को स्वयं भू- ब्राह्मण समाज का नेता बताकर अधिकारीयों पर ब्राह्मण होने की दुहाई देता फिरता था।

सजायफ्ता अमित खम्परिया पर कई लोगों ने चिटलरी कर उनके पैसे खाने का आरोप लगाया है। जबलपुर पुलिस के प्रतिवेदन पर नैनपुर थाना पुलिस ने अमित खम्परिया के पिता अनिरुद्ध सिंह चतुर्वेदी, माँसा रामजी द्विवेदी, रिश्तेदार दशरथ प्रसाद तिवारी, श्याम सुन्दर खम्परिया, कोमल पांडेय, विराट तिवारी, अमित खम्परिया, पार्टनर अमित द्विवेदी पर धारा 417, 419, 420, 466, 467, 471, 506, 120बी, 34 का प्रकरण दर्ज कर आरोपियों की तलाश प्रारंभ कर दी। वर्ष 2011 में मंडला जिले के कान्हा किसली क्षेत्र के टोल नाका ठेकेदार अमित खम्परिया व अन्य पार्टनर ने पर्यटकों से अधिक रुपया वसूलकर मार्कर से राशि मिटाकर जालसाजी की थी जिसकी शिकायत पर खटिया थाना पुलिस ने 8 सितम्बर 2011 को धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया था। जिसमें अमित खम्परिया उसके पिता अनिरुद्ध सिंह चतुर्वेदी, मौसा रामजी द्विवेदी, रिश्तेदार दशरथ प्रसाद तिवारी, रज्जन, उमेश पांडेय, अमित पांडे, श्रीकांत शुक्ला, शनि ठाकुर, अजय बाल्मकी को आरोपी बनाया गया था। मामले के सभी आरोपी जमानत पर बाहर थे, दस साल तक मंडला जिले की नैनपुर बदल दी।

कोर्ट में प्रकरण चला। 22 सितम्बर को न्यायालय ने फैसला सुनाया, जिसमें आरोपियों को पांच-पांच साल की सजा व जुर्माना लगाया था। 22 सितम्बर 2021 में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश डीआर अहिरवार की कोर्ट में अनिरुद्ध प्रसाद सिंह चतुर्वेदी उम्र 70 वर्ष निवासी टिकुरी उमरिया, रामजी द्विवेदी 66 वर्ष निवासी सोनवारी मैहर सतना व दशरथ प्रसाद तिवारी 60 वर्ष निवासी टिकुरी उमरिया ही पेश हुए। आरोपी है कि पुलिस ने भी सभी के दस्तावेजों की जांच करने की कोशिश भी नहीं की थी। अमित खम्परिया तीनों को बचाने के लिए साजिश करते हुए पिता 70 वर्षीय अनिरुद्ध प्रसाद सिंह चतुर्वेदी की जगह 45 वर्षीय कोमल प्रसाद पांडेय निवासी सिहोरा को, रामजी द्विवेदी की जगह श्याम सुंदर खम्परिया और दशरथ प्रसाद तिवारी की जगह ग्वारीघाट निवासी विराट तिवारी को भी डरा धमकाते हुए सजा काटने पर मजबूर कर जेल भेज दिया। पीड़ित कोमल पांडेय ने मंडला पुलिस को बताया कि ये सारी साजिश अमित खम्परिया ने रची थी। जिसने इन सभी के आधार कार्ड सहित अन्य दस्तावेज में फर्जीवाड़ा कर पहचान तक बदल दी।

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