Madhya Pradesh News केन बेतवा लिंग प्रभावितों ने आक्रोश रैली निकाल किया तहसील का घेराव।
कई ज्ञापन के बाद भी प्रशासन द्वारा कानून का पालन न किया जाना चिंताजनक: अमित भटनागर

✍️रिपोर्टर ब्यूरो राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
प्रशासन पर जानकारी नहीं देने व फर्जी ग्राम सभा का आरोप ।
विजावर, कई बार ज्ञापन व प्रदर्शन के बावजूद भी प्रशासन द्वारा कानून का पालन ना होने से आक्रोशित केन बेतवा लिंक परियोजना के प्रभवितों ने जन आक्रोश रैली निकालकर प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी के साथ तहसील कार्यालय का घेराव किया। प्रभवितों द्वारा गल्ला मण्डी प्रांगण में एक आम सभा की गई, आम सभा के बाद आक्रोश रैली गल्ला मण्डी से भोलागिर मंदिर, पुरानी नगरपालिका, खटकयाना टिगड्डा, बसस्टैंड, डाकखाना चौराहा होते हुए तहसील पहुँचेगी जहां तहसील के घेराव कर अनुविभागीय अधिकारी राहुल सिलाड़िया को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों द्वारा फर्जी ग्रामसभा नहीं चलेगी, प्रशासन की मनमानी नहीं सहेंगे, हम अपना अधिकार मांगते, हम अपना हक लेकर रहेंगे, धारा 11 निरस्त करो आदि नारों के साथ जोरदार नारेबाजी की गई।

प्रभवितों का कहना था कि गांव में एक भी विधिवत ग्राम सभा का आयोजन नहीं किया गया, जबकि कानून ग्राम सभा की बात करता है, उनका कहना था कि प्रशासन द्वारा फर्जी ग्राम सभाओं के आयोजन किया गया है, ज्ञापन में ग्रामीणों ने केन बेतवा लिंक परियोजना संबंधी विषय पर ग्राम सभा आयोजन हेतु ज्ञापन सौंपा और पूर्व की केन बेतवा लिंक परियोजना संबंधी प्रस्ताव व निर्णय की संपूर्ण प्रमाणित जानकारी देने की मांग की।
नहीं हो रहा कानून का पालन
गौरतलब है कि कैन बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत बिजावर तहसील के 15 गांव विस्थापित हो रहे हैं। यहां “भूमि अर्जन पुनर्वासन और पुनर्व्यवस्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम 2013” कानून लग रहा है, आंदोलन के नेतृत्व तथा सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर का कहना है कि प्रशासन द्वार आदिवासी क्षेत्र व लोगों के अशिक्षित होने का लाभ उठाया जा रहा है। अमित का कहना है कि कानून लोगों को निर्णय लेने का अधिकार देता है, समय-समय पर ग्राम सभा, आम सभा की बात कानून में कही गई है, लेकिन प्रभावित क्षेत्र में किसी भी तरह की ग्राम सभा, आम सभा की बात तो दूर लोगों को जानकारी के नोटिस तक नहीं दिए जा रहे हैं। अमित ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा कई बार ज्ञापन व प्रदर्शन देकर कानून का पालन कराने की मांग की जा रही है, और कानून की शपथ लेकर कार्य करने वाले अधिकारी और कर्मचारी अपनी मनमानी पर उतारू है, वह कानून का पालन नहीं कर रहे हैं। अमित का कहना है कि यह स्थिति बहुत ही चिंताजनक है और लोकतंत्र के लिए घातक है।

ग्रामीणों ने पूर्व सरपंच जमुना ओमरे, भागवती आदिवासी, जनपद सदस्य भगवानदास गौड़, भगत राम तिवारी, केश कुमार राजपूत, रामपाल शर्मा, दशरथ रैकवार, पुष्पेंद्र दुबे, बीरेंद्र मिश्रा ने सभा को संबोधित करते हुए प्रशासन से कानून के पालन कर प्रभवितों को न्याय देने की बात कही। ये रहे शामिल सामाजिक कार्यकर्ता व आप नेता अमित भटनागर, वार्ड नंबर 01 के पार्षद रामपाल शर्मा, पल्कोहॉ के पूर्ब सरपंच जमुना ओमरे, कुपिया के पूर्व सरपंच बहादुर आदिबासी, खरयानी सरपंच रतिराम अहिरवार, भगतराम तिवारी, देवीदीन कुशवाहा, रोहित अहिरवार, केशकुमार राजपूत, हिसाबी राजपूत, गोलू राजा परमार, शंकर परमार, इसरार खान, सचिन चौबे, बीरेंद्र मिश्रा, महेश विष्वकर्मा, उत्तम गौड़, संतोष यादव, ग्यशी रैकवार, गंगाराम रैकवार, गनेश आदिबासी, परमसुख आदिबासी, रामस्वरूप पाल, आनंदी अहिरवार, गोकल अहिरवार, राकेश यादव, बृन्दावन पाल, सियाराम विष्वकर्मा, नोनेलाल आदिबासी, अरविंद राय, रामचरण यादव, बाबू लाल अहिरवार, रामदास रैकवार, दीना रैकवार, राममिलन रैकवार, मल्ला आदिबासी, परमलाल आदिबासी, कलुवा अहिरवार, मिलन आदिबासी, मुकेश आदिबासी, रामसेवक आदिबासी, छुट्टी यादव, दसरथ आदिबासी, गनेश आदिबासी, प्रेमलाल आदिबासी, बद्री गुप्ता, रमेश यादव, संतोष पाल, ब्रजलाल आदिबासी, शिब्बू आदिबासी, गणेश आदिबासी, श्याम बंसल, माखन गौड़, अच्छेलाल अहिरवार, विहारी ओमरे, रामलखन ओमरे, जमनाबाई, सुंदरिया, पूजा, गोरीबाई, शुगरबाई, रामरती सहित कई सैकड़ा लोग सहभागी रहे।

कई जगह हुआ आक्रोश रैली का स्वागत
आक्रोशित प्रभावितों द्वारा जोरदार नारे के साथ जब बाजार व नगर में आक्रोश रैली निकाली जा रही थी तो नगर के व्यापारियों द्वारा प्रभावितों की मांग का समर्थन करते हुए प्रभावितों का फूल माला से कई जगह स्वागत भी किया। व्यापारियों का कहना था कि हमारा किशनगढ़ क्षेत्र आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र है यहां के लोग बहुत ही सीधे और भोले भाले हैं, यहां के लोगों को बहुत ज्यादा प्रताड़ित किया जा रहा होगा तभी ये इतने गुस्सा है।




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