Chhattisgarh News अकलतरा विधानसभा चुनाव में सत्ते पे सत्ता भारी।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
जांजगीर-चांपा/अकलतरा
छत्तीसगढ़ राज्य में चुनाव की शंखनाद तो बच चुकी है इस रणभूमि में दिग्गज दिग्गज राजा महाराजाओं ने अपनी दम लगा दी है चुनाव को जीतने के लिए।
अकलतरा विधानसभा चुनाव के संबंध में देखा जाए तो अकलतरा विधानसभा सीट ही सत्ता का विकेंद्रीकरण किया जाता है जिसमें से प्रमुख माना जाए तो इस विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 33 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सौरभ सिंह बहुजन समाज पार्टी के विनोद शर्मा आम आदमी पार्टी के आनंद प्रकाश मिरी एवं कांग्रेस पार्टी से नवयुवक प्रत्याशी राघवेंद्र सिंह को कांग्रेस पार्टी ने अपना उम्मीदवार बनाया है।
यह विधानसभा क्षेत्र अकलतरा रोमांचक होने की संभावना है। सारी निगाहें अकलतरा विधानसभा क्षेत्र ही राज्य की शान की बागडोर किस पार्टी को देती है यह निर्धारित करती है।
विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस पार्टी ने 53 उम्मीदवारों की घोषणा की गई है जिसमें अकलतरा विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस ने राघवेंद्र सिंह को प्रत्याशी बनाया है राघवेंद्र सिंह अंचल के प्रतिष्ठित राजनीतिक परिवार से संबंध है इनके पूर्वजों की दूरगामी सोने अकलतरा के विकास में अतुलनीय योगदान दिया है वर्तमान में जांजगीर चांपा जिला अध्यक्ष है राघवेंद्र सिंह जिसको की पहली बार कांग्रेस पार्टी ने अपना उम्मीदवार घोषित किया है और चुनावी मैदान में उतारा है। राघवेंद्र सिंह के दादा स्वर्गीय राजेंद्र कुमार सिंह ने शैक्षणिक संस्थाओं की नई डाली नगर हित के लिए जमीन दान से कई कार्यालय का निर्माण कार्य करवाया इनके पिता स्वर्गीय राकेश कुमार सिंह भी विधायक रहे हैं मध्य प्रदेश शासन में । राघवेंद्र सिंह परिवार की विरासत को संभालते हुए चिकित्सा हेतु अंचल के कई परिवारों की मदद की तथा खेल प्रतिभाओं को निकालने के लिए कार्य किया है।
इसके पूर्व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के द्वारा जिला कांग्रेस अध्यक्ष दो कालेश्वर चंद्राकर को पद से हटकर अकलतरा के वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय राकेश कुमार सिंह के सुपुत्र राघवेंद्र सिंह को नया जिला अध्यक्ष नियुक्त किया।
इसलिए चंद्राकर को हटाया गया कि बाहरी व्यक्ति है इसलिए उन्हें कमान सौंप नहीं जा सकती।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं में खासकर विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर महंत के समर्थकों ने चंद्राकर को हटाने के लिए मोर्चा खोला था।
राघवेंद्र सिंह को छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री स सिंह देव का विशेष समर्थन का लाभ मिला जिसके चलते राघवेंद्र सिंह को जिला अध्यक्ष नियुक्त की गई।
अभी अब देखना होगा कि चुनावी मैदान में कौन किसको हारता है यह फैसला मतदाता ही तय कर पाएंगे। इसीलिए कहा जाता है कि सत्ता पर सत्ता भारी हार जीत का फैसला तो मतदाता ही तय करते हैं।
राघवेंद्र सिंह एक मिलनसार व्यक्ति हैं और मिलनसार व्यक्ति को कांग्रेस ने अपना प्रत्याशी घोषित कर बहुमूल्य योगदान दिया है जिससे पार्टी सामाजिक आर्थिक राजनीतिक विकास कार्य होने में कोई बाधा नहीं बन पाएगा क्योंकि स्वर्गीय राकेश कुमार सिंह के पुत्र होने के नाते राघवेंद्र सिंह क्षेत्र की विकास के लिए कटिबद्ध रहेंगे।
हमारे दबंग केसरी संवाददाता एवं इंडियन क्राइम न्यूज़ ब्यूरो चीफ का कहना है कि राजनीति के गलियारे में शह एवं मात का खेल रहता है अब यह देखना होगा कि जो जीता वही सिकंदर वैसे कांग्रेस पार्टी ने बहुत ही सोच समझकर अपना प्रत्याशी का ऐलान किया है नवयुवक प्रत्याशी पहली बार अकलतरा विधानसभा क्षेत्र को मिल रही है प्रतिनिधित्व करने के लिए।
वैसे अब देखा जाए तो अंततः सौरभ सिंह एवं राघवेंद्र सिंह दोनों चाचा भतीजे के रिश्ते में है जिन्हें चुनावी मैदान में उतारा गया है इस चीज को तय हमारी भावी मतदाता ही तय करेंगे कि से विधानसभा चुनाव में जीता कर दूल्हा राजा बनाएंगे मतदाता ही तय करेंगे।
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