Uttar Pradesh News स्वच्छता अभियान की सरे आम उड़ाई जा रही धज्जियां लाखों रुपए से बने सुलभ शौचालय शोपीस बनकर रह गए

रिपोर्टर सलमान रायबरेली उत्तर प्रदेश
गांव के ग्रामीणों से लेकर विद्यालय के छात्र-छात्रा खुले में शौच के लिए जाने को मजबूर जहां एक तरफ मोदी सरकार स्वच्छ भारत स्वच्छ अभियान के तहत पूरे देश के हर जिले में स्वच्छता अभियान चलाकर गांव से लेकर शहरों तक गंदगी से मुक्त भारत करने की बात कर रही है तो वहीं मोदी सरकार की छवि को धूमिल करने से भी बाज नहीं आते सरकारी नुमाइन दे सिर्फ कागजों पर की जाती है खानापूर्ति की कार्यवाही खबर रायबरेली जनपद की विकासखंड अमवा के बंदीपुर ग्राम सभा की है जहां पर प्राथमिक विद्यालय बंदीपुर की बगल में बने सामुदायिक शौचालय शोपीस बनकर रह गए हैं शौचालय में लाखों रुपए का कार्य दिखाकर सरकारी धन का भारी मात्रा में बंदर बांट किया गया है मौके पर शौचालय की जमीनी हकीकत यह है कि शौचालय के दरवाजे जर्जर हो चुके हैं और अंदर की सीट देख कर पता लगता है कि यहां पर केयरटेकर है ही नहीं जबकि केयरटेकर को सरकारी तनख्वाह हर महीने ₹9000 दी जाती है और हैंड वॉश और शौचालय के अंदर जो पानी की पाइप है वह भी सब टूटी-फूटी है बगल में प्राथमिक विद्यालय बांदीपुर के छात्र खुले में शौच करने को मजबूर है वही इस बाबत ग्राम प्रधान चंद्रपाल पासवान का तो कहना ही क्या शौचालय में किसी प्रकार की कमी नहीं हैयह प्रधान जी का कहना है लेकिन वही ग्रामीणों का मानना है कि ग्राम प्रधान शौचालय के नाम पर लाखों रुपए का बंदर बांट करके सरकारी हिसाब किताब लगाकर बैठे है यही है ग्राम स्तर के सामुदायिक शौचालय यो की जमीनी हकीकत !

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