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Madhya Pradesh News चुनाव की चिंता. इस महीने 1000 फिर 500 करोड़ और अब. ₹2000 करोड़ का कर्ज का कर्ज लेगी सरकार चार दिन के अंतराल में बाजार से दूसरी बार पैसा उठाने की तैयारी वित्तीय वर्ष के छह महीने में पांचवीं बार

रिपोर्टर रजनीश तिवारी रीवा मध्य प्रदेश

पिछला वित्तीय वर्ष समाप्त होने के आखिर तक सरकार कर्ज लेती रही। नया वित्तीय वर्ष शुरू होने के बार फिर कर्ज का सिलसिला शुरू हो गया। शुरुआत 30 मई से हुई, तब से सिलसिला चल रहा है। अब चूंकि 15वीं विधानसभा में सरकार का यह आखिरी कार्यकाल है, इसलिए चुनावी वर्ष में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती। कर्ज लेकर ही भोपाल  विधानसभा चुनाव आचार संहिता के चंद दिन शेष हैं, ऐसे में सरकार पर दबाव बढ़ा है। दबाव खर्ची को लेकर है। जनता चाहती है क्षेत्र के विकास कार्य पूरे हों। सरकार भी चाहती है कि समाज का कोई वर्ग नाराज न हो। घोषणाएं पूरी हो जाएं। जो वादे अभी पूरे नहीं हो सकते तो कम से कम धरातल पर दिखने लगे। इसलिए विकास कार्यों के भूमिपूजन में तेजी आई है। सही विकास कार्य शुरू करने की तैयारी है। इसलिए ताबड़तोड़ फैसले हो रहे हैं। mराज्य के बजट से ज्यादा कर्ज mलाड़ली बहना योजना के तहत एक हजार रुपए की राशि 5 हजार से बढ़ाकर 6500 रुपए। संविदा कर्मियों को नियमित कर्मचारियों इस बार राज्य के बजट का इसका असर सरकारी खजाने पर आकार 3.14 लाख करोड़ करोड़ हो गया है। हालांकि की स्थिति बेहतर है. विकास आय बढ़ी है, कर्ज चुकाने की  डिफॉल्टर हुए किसानों का ब्याज सरकार भर रही है के सुविधाएं। इसका लाभ ढाई लाख सावदा कर्मियों को मिलेगा। पड़ रहा है। वित्त विभाग के अफसरों रुपए हो गया, जबकि कर्ज की चिंता बढ़ी है। कर्ज लेने का क्रम अधिक यानी 3.31 लाख जारी है। सितम्बर में ही सरकार तीसरी बार कर्ज लेने जा रही है। कर्ज सरकार का दावा है कि खजाने दो हजार करोड़ रुपए का होगा। खुले ‘बाजार से कर्ज लेने वित्तीय संस्थाओं कार्य होंगे तो कर्ज लेना पड़ेगा। के ऑफर बुलाए गए हैं। सरकार 26 सितंबर को छह साल के लिए कर्ज लेगी। बहनों को आवास सुविधा का ऐलान। किसान सम्मान निधि 4 हजार से अतिथि विद्वानों का मानदेय दोगुना, यानी 25 से बढ़ाकर 50 हजार रुपए ग्राम रोजगार सहायकों का मानदेय बढ़ाकर 6 हजार रुपए की कर्मचारियों का डीए केंद्रीय कर्मियों के समान 42% किया। लाभ 4.50 लाख 9000 से बढ़ाकर 18000 किया। अधिकारी-कर्मचारियों को मिलेगा। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 130 हजार, मिनी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्षों, जनपद पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के मानदेय में भी इजाफा किया। स्थिति में हैं इसलिए कर्ज लिया जा रहा है। ऐसे बढ़ा खजाने पर बोझ ऐसी बताई खजाने की स्थिति बाजार कर्ज- 200817.92 बॉण्ड्स- 6624,44 वित्तीय संस्थाओं कर्ज- 14620.17 केंद्र सरकार से अग्रिम एवं कर्ज- 52617.91 अन्य देनदारियां- 19472.62 राष्ट्रीय बचत कोष को विशेष सुरक्षा जारी की 38498.01

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