उत्तरप्रदेशब्रेकिंग न्यूज़शिक्षा

Uttar Pradesh News दोपहर में लंच के समय बच्चों को जाना पड़ता भोजन के लिये अपने घर

प्रधानाध्यापक के मेडिकल लीव पर जाने के कारण बच्चों को नहीं मिल रहा भोजन- शिक्षका

✍️ रिपोर्टर दीनानाथ निषाद फतेहपुर उत्तर प्रदेश

फतेहपुर यूं तो उत्तर प्रदेश की सरकार सरकारी विद्यालय में सुविधा देने के नाम पर करोड़ों रुपए खर्च कर रही है उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सर्व शिक्षा अभियान के तहत सब बड़े सब पढ़ें का नारा देते हुए सरकारी विद्यालयों में मिडे डे मील की व्यवस्था लागू करके बच्चों को खाने-पीने की सामग्री देने का काम भी कर रही है जिस पर करोड़ों रुपए खर्च करती है सरकार परंतु फतेहपुर जनपद के कम अपोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय शाह प्रथम ब्लॉक संसाधन केंद्र साह शिक्षा क्षेत्र बहुआ जनपद फतेहपुर के विद्यालय का मामला कुछ और ही निकल कर सामने आ रहा है आज ग्रामीणों की शिकायत पर पहुंचे मीडिया कर्मियों ने जब विद्यालय की हकीकत जानना चाहा तो विद्यालय में पिछले कई दिनों से बच्चों को खाने की व्यवस्था नहीं मिल पा रही है दोपहर में लांच किस समय या तो बच्चों को घर भेज दिया जाता है या फिर विद्यालय की छुट्टी कर दी जाती है वहीं कई बच्चों ने बताया कि विद्यालय के प्रधानाध्यापक के मेडिकल लीव में जाने के कारण बच्चों को मिड डे मील की व्यवस्था नहीं मिल पा रही है खाने के लिए उन्हें अपने घर जाना पड़ता है या फिर घर से किसी न किसी को खाना देने आना पड़ता है वहीं विद्यालय की शिक्षिका ने बताया कि मेडिकल लिव में प्रधानाध्यापक के जाने के कारण विद्यालय के किचन की चाबी प्रधानाध्यापक के पास है इस वजह से बच्चों को खाना नहीं मिल पा रहा है परंतु प्रश्न खड़ा होता है कि जब विद्यालय के प्रधानाध्यापिका मेडिकल लीव पर है तो विद्यालय में किसी को यह जिम्मेदारी क्यों नहीं दी गई जिस कारण से बच्चे भूखे रह जाते हैं या फिर वह अपने घर जाकर भोजन करके वापस विद्यालय आते हैं वही बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी भी इस मामले में मौन धारण किए हुए हैं और विद्यालय कई दिनों से बिना मिड डे मील चालू किये विद्यालय में बच्चों को शिक्षा का दान दिया जा रहा है

Indian Crime News

Related Articles

Back to top button