Uttar Pradesh News सरयू नदी की कटान से तटवर्ती इलाके में हाहाकार मचा हुआ है। नदी लगातार तटवर्ती गांवों को तबाह कर रही है

रिपोर्टर मो ज़ैद सूरतगंज बाराबंकी उत्तरप्रदेश
सूरतगंज-बाराबंकी हालात ऐसे हैं कि लोगो के खून-पसीने की कमाई से बनाये गए आशियाने अपनी आंखों के सामने तबाह होते देख रहे हैं।मंगलवार रात एक मकान व शेष प्राइमरी स्कूल नदी में समा गया है।जबकि नदी के मुहाने पर दो घर एक पंचायत भवन है।जो कभी भी कट सकता है। तहसील रामनगर इलाके में सरयू नदी तटवर्ती क्षेत्र में पिछले एक हफ्ते से लगातार कटान कर रही है।नदी के कटान से हाहाकार मचा हुआ है।नदी ने आबादी मजरे सरसंडा, जमका, खुज्जी आदि गांवों के 32 घरों को अपनी आगोश में ले लिया है।कटान की रफ्तार को देख शेष बचे घरो के लोग अपना मकान तोडक़र घर गृहस्थी सहित सुरक्षित स्थान पर पलायन कर रहे है।मंगलवार रात नदी ने खुज्जी गांव के राजेंद्र निषाद का घर अपनी आगोश में ले लिया है।जबकि जमका में नदी के मुहाने पर दो मकान व सरसंडा में एक पंचायत भवन कटान के कगार पर है।जो कभी भी नदी में समा सकता है।इधर खुज्जी गांव में बना प्राथमिक विद्यालय का शेष हिस्सा भी नदी में समा गया है। इस सम्बंध में एसडीएम रामनगर अनुराग सिंह ने बताया कि सरसंडा पंचायत के नई बस्ती, खुज्जी व जमका गांव के करीब 32 आशियाने और खुज्जी का प्राइमरी स्कूल नदी में कट गया है।इससे शिक्षण कार्य टीन शेड में होगा।इसके अलावा कटान पीड़ितों को पुनः विस्थापित करने की योजना बनाई जा रही है।
छह साल में दूसरी बार कटा खुज्जी का प्राइमरी स्कूल
सरयू नदी के दूसरी छोर पर बाराबंकी – बहराहच सीमा पर स्थित रामनगर तहसील के खुज्जी गांव के प्राइमरी स्कूल को भी नदी ने अपने आगोश में ले लिया। इससे स्कूल में पंजीकृत कुल 185 बच्चों की उम्मीदें भी नदी की धारा में बह गई हैं।इलाके में सबके अपने-अपने दर्द हैं तो ये बच्चे अपने भविष्य को लेकर फिक्रमंद है। फिलहाल स्कूल के अस्थाई संचालन के लिए शिक्षा विभाग ने योजना तैयार की है। स्कूल के प्रधानाध्यापक मो.रासिद अशफाक के मुताबिक, स्कूल में पंजीकृत बच्चों में 35 बच्चे ऐसे हैं जिनके घर नदी में कटने से उन बच्चों के बैग व किताबें भी नदी की धारा में बह गई। इन बच्चों को पुनः किताबें उपलब्ध कराने के लिए विभाग को डिमांड भेजी जा रही है। खुज्जी स्कूल छह साल में दो बार समाप्त हुआ है।खुज्जी गांव के प्राइमरी स्कूल की बिल्डिंग साल 2017 की बाढ़ के दौरान ही नदी में समा गई थी। इसके बाद आस्थाई तौर पर स्कूल का संचालन टीन शेड के नीचे शुरू हुआ। फिर साल 2019 में बजट मिलने पर दो अतिरिक्त कक्ष का निर्माण कराया गया। अतिरिक्त कक्ष में ही स्कूल चल रहा था। मंगलवार रात स्कूल के दोनों अतिरिक्त कक्ष भी नदी में कट गए। इससे पूरी तरह स्कूल का अस्तित्व समाप्त हो गया। खंड शिक्षा अधिकारी संजय राय ने बताया कि खुज्जी का प्राइमरी स्कूल नदी में कट गया है। इससे नदी से दूर एक निजी भूमि पर टीन शेड का निर्माण कराया जा रहा है। इसी टीन शेड के नीचे अस्थाई तौर पर स्कूल का संचालन होगा।



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