Chhattisgarh News बिलासपुर में तहसील ऑफिस में दलाली का भंडाफोड़ हुआ है। दरअसल, यहां आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र बनाने के लिए एजेंट हैं,

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़
जो फर्जी सील लगाकर दस्तावेज तैयार करते हैं और फर्जी प्रमाणपत्र जारी कर देते हैं। मामला सामने आने पर तहसीलदार ने एक एजेंट को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया है। साथ ही उसके खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराया है। मामला सिविल लाइन थाने का है। सिविल लाइन टीआई परिवेश तिवारी ने बताया कि इस मामले में केस दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर एजेंट से जुड़े लोगों की जानकारी जुटा रही है। दावा किया जा रहा है कि जांच में कई बड़े नाम का खुलासा हो सकता है। उन्होंने बताया कि कुदुदंड के मिलन चौक में रहने वाले मनोज राव (57) तहसील कार्यालय में माल जमादार हैं, जिसकी तरफ से एफआईआर की गई है। आंगनबाड़ी में कार्यकर्ता व सहायिका भर्ती के लिए प्रमाणपत्र बनवाने पहुंची थी महिलाएं व युवतियां। शिकायत मिली तो तहसीलदार ने पकड़ा मामला मनोज राव ने अपनी शिकायत में बताया कि तहसीलदार अतुल वैष्णव को ऑफ लाइन जाति, निवास और आमदनी प्रमाण बनाने की शिकायत मिली थी। जिसके बाद उन्होंने जांच की, तब पता चला कि सेमरताल में रहने वाला मुकेश खरे इस फर्जीवाड़े में शामिल हैं। उन्होंने मुकेश को बुलाकर पूछताछ की, तब उसने बताया कि उसने पैसे लेकर रामकुमार सूर्या नाम के युवक को प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पैसे व कागजात दिए थे। रामकुमार ने उसे प्रमाणपत्र भी बनाकर दिया है। तहसीलदार वैष्णव ने पंचनामा बनाया और पूरे मामले की शिकायत के लिए माल जमादार मनोज राव को निर्देशित किया। इस पर पुलिस ने धारा 466, 467, 468 के तहत मुकेश खरे पर केस दर्ज कर लिया है और इस मामले की नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। फर्जीवाड़ा सामने आने पर तहसीलदार ने थाने में दर्ज कराई शिकायत। ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज दरअसल, महिला एवं बाल विकास विभाग में आंगनबाड !

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