Chhattisgarh News परसा के अदानी खदान बंद होने के कगार पर, प्रभावित गांव के लोग रोजगार के लिए चिंतित

रिपोर्टर आमोद तिवारी अंबिकापुर छत्तीसगढ़
उदयपुर क्षेत्र के केते बांसेन में विगत वर्षों से अदानी फाउंडेशन प्राइवेट कंपनी के द्वारा भूमिगत कोयले का खनन कर रहा है मिली जानकारी अनुसार जब छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा अदानी फाउंडेशन प्राइवेट कंपनी को कोयला का खनन करने हेतु संबंधित क्षेत्र के केते बांसेन परसा सहित अन्य क्षेत्र में खुली खदान ग्राम वासियों के सहमति पर अनुमति प्रदान किया गया वर्तमान में इस क्षेत्र के कोयले का उपयोग राजस्थान के एक विद्युत कंपनी के द्वारा विद्युत उत्पादन हेतु उपयोग किया जा रहा है वहीं क्षेत्र में खुली खदान खोलने से कई गांव उनके चपेट में आ गया तथा प्रभावित लोगों को राज्य तथा केंद्र सरकार के द्वारा मुआवजा राशि प्रदान करने के साथ ही संबंधित खनन क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें अन्य सुविधा उपलब्ध करने की बात कही सबसे बड़ी बात यह है कि संबंधित प्रभावित क्षेत्र के लोगों को उस खदान में रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही गई है लेकिन वह रोजगार वर्तमान में अस्थाई है जैसे ही उत्खनन क्षेत्र कम होता है वैसे क्षेत्र के प्रभावित लोगों को रोजगार उपलब्ध नहीं हो पाती है तथा कंपनी के द्वारा प्रभावित क्षेत्र के कुछ लोगों को कार्य करने हेतु मना कर कुछ ही लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाने के लिए कार्य करती ही ऐसा ही वर्तमान में स्थिति उत्पन्न हो रही है लोगों के द्वारा बताया जा रहा है कि वर्तमान में है कोयल का उत्खनन करने हेतु और जगह उपलब्ध वर्तमान में नहीं है जिससे अब कोयले का खनन कार्य बंद होने के कगार पर है तथा कोयले का खनन बंद होने के कारण प्रभावित क्षेत्र के लोगों को रोजगार से वंचित होना पड़ रहा है वर्तमान में सैकड़ो की संख्या में लोगों को कंपनी के द्वारा कार्य करने से मना कर दी है तो वहीं प्रभावित क्षेत्र के कुछ लोगों को कार्य पर रखी है जिससे काफी लोगों को रोजगार उपलब्ध नहीं हो रहा पा रहा और रोजगार उपलब्ध नहीं होने के कारण वह रोजगार हेतु दर-दर की ठोकरे खाने को मजबूर हैं वहीं जो वर्तमान में कार्य कर रहे हैं उन्हें भी कार्य से हटा देने या कार्य बंद होने की चिंता सता रही है जो उनके आने वाले समय के लिए रोजगार हेतु समस्या खड़ा होगी जिसको देखते हुए क्षेत्र के लोगों ने रोड पर प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार को खदान खोले जाने हेतु और जमीन उपलब्ध करने के साथ खनन को निरंतर जारी रखने हेतु प्रदर्शन कर रहे हैं
तथा प्रदर्शनकारियों के द्वारा यह बताया गया कि वर्तमान में खदान बंद होने के कगार पर है और खदान जैसे ही बंद होगी क्षेत्र के प्रभावित लोगों के पास रोजगार बहुत बड़ी समस्या उत्पन्न हो जाएगी इसलिए छत्तीसगढ़ सरकार को इस प्रदर्शन के माध्यम से अवगत करना चाहते हैं कि आने वाले समय में प्रभावित क्षेत्र के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराए जाने हेतु खनन कार्य को जारी रखने हेतु विशेष कार्य करें ताकि आने वाले समय में क्षेत्र के लोगों को रोजगार से वंचित ना होना पड़े प्रदर्शनकारियों के द्वारा बताया गया कि यह कंपनी होने के कारण यहां रोजगार अस्थाई है हालांकि हमें अपने जमीन के एवज में मुआवजा प्रदान किया गया लेकिन अपने जीविका उपार्जन हेतु निरंतर हमें रोजगार का नितांत आवश्यकता है क्योंकि पूर्व में हम लोग आसपास के क्षेत्र के खेत एवं जमीन से ही जीव का उपार्जन किया करते थे लेकिन वर्तमान में कोयले का खनन होने के कारण हमारा जीविका उपार्जन करने हेतु जो हमारे पास भूमि थी वह अब कोयला उत्खनन प्रभावित क्षेत्र हो गया है तथा काफी क्षेत्रों में वर्तमान में कोयले का खनन किया जा चुका है तथा वह अब खेती करने योग्य नहीं है जिससे अब हमारे पास जीविका उपार्जन के लिए रोजगार की जरूरत है यदि समय अनुसार से कोयले का खनन करने हेतु और जगह नहीं दिया गया तो आने वाले कुछ ही दिनों के पश्चात कोयले का खनन बंद हो जाएगा तथा हमें रोजगार नहीं मिल पाएगी जिससे हमें अपने जीविका उपार्जन के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर होना पड़ेगा इसलिए प्रदर्शनकारियों ने छत्तीसगढ़ सरकार को प्रदर्शन के माध्यम से खदान को खोले जाने हेतु तथा और जमीन आवंटित किए जाने हेतु मांग किए हैं

Subscribe to my channel