Uttar Pradesh News एसडीएम सवायजपुर समेत आठ के विरुद्ध फर्जीवाड़े की रिपोर्ट

रिपोर्टर अजीत अग्निहोत्री हरदोई उत्तर प्रदेश
पाली, हरदोई कूटरचित अभिलेखों के सहारे मृतक के वारिस बने लोगों के पक्ष में पर्याप्त जांच किए बिना निर्णय देने के आरोप में सवायजपुर तहसील की एसडीएम समेत आठ लोगों पर पाली थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई है | मृतक के भाई ने इस मामले में डीएम, एसपी समेत कई पुलिस व प्रशासनिक अफसरों से न्याय की गुहार लगाने के बाद कोर्ट की शरण ली थी | न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है | पाली थाना क्षेत्र के ग्राम भाहपुर निवासी श्रीकृष्ण उर्फ़ जगतपाल ने अपनी पत्नी नीलम देवी, पिता सुरेश, और दो झूठे गवाह कमले व महेंद्र के सहयोग से खुद को अविवाहित मृतक भाई रमेश का पुत्र साबित कर दिया | इसके लिए उसने कुटरचित राशन कार्ड, डाबीआर अंबेडकर पूर्व माध्यमिक विद्यालय अहमदपुर थाना पाली के प्रधानाचार्य के सहयोग से कक्षा आठ पास की फर्जी टीसी और कूटरचित आधार कार्ड का सहारा लिया | इस तरह जगतराम ने उसके मृतक भाई की संपत्ति का एक चौथाई हिस्सेदार खुद के लिए घोषित कराया | श्री कृष्ण का आरोप है कि सवायजपुर एसडीएम (तत्कालीन सवायजपुर तहसीलदार) डॉक्टर अरुणिमा श्रीवास्तव ने प्रपत्रो की जांच कराए बिना आरोपी के दावे के पक्ष में निर्णय भी दे दिया | उसका यह भी आरोप है कि एसडीएम ने उससे ₹50000 रिश्वत की मांग की थी | रिश्वत न देने पर उन्होंने ऐसा निर्णय सुनाया | जबकि उसने आरोपी के दावे के विरुद्ध लोग दस्तावेज इंतखाब, खसरा, मतदाता सूची व परिवार रजिस्टर की नकल भी प्रस्तुत की थी | आरोप है कि एसडीएम ने विपक्षियों से रिश्वत लेकर उनके पक्ष में निर्णय दिया | उसने इस मामले की शिकायत पूर्व में थाना पाली व सवायजपुर तहसील में भी की थी | यही नहीं एसपी व डीएम को भी शिकायती पत्र दिए थे लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई | इसके बाद उसने कोर्ट का सहारा लिया |



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