छत्तीसगढ़ब्रेकिंग न्यूज़

Chhattisgarh News केएसके महानदी पावर प्रोजेक्ट में नौकरी के नाम से सिफारिश के आधार पर नौकरी दी जा रही है।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ राज्य बनने के पश्चात जांजगीर-चांपा जिले के अधीन अकलतरा विधानसभा अकलतरा ब्लाक के अधीन ग्राम पंचायत नरियारा के जमीन पर केएसके महानदी पावर प्रोजेक्ट इकाई स्थापित है जहां सिफारिश के आधार पर नौकरी दी जा रही है स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों की आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जा रहा है। ऐसा ही मामला प्रकाश में आया है कि अकलतरा विधायक के सिफारिश के आधार पर नौकरी दिया जा रहा है चहेतों को वहीं पर साधारण शिक्षित बेरोजगार युवक नौकरी के नाम से आवेदन प्रस्तुत करता है तो उन आवेदनों पर विचार नहीं किया जाता यह पक्षपात पूर्ण रवैया है कंपनी का। यह की कंपनी केवल राजनीति करने वाले व्यक्ति के ही लोगों को नौकरी पर रखा जाता है आम बेरोजगार व्यक्ति को नहीं इस पर राज्य शासन के अधीनस्थ अधीनस्थ कर्मचारी गण चाहे कलेक्टर हो चाहे ओएसपी हो चाहे वह तहसीलदार हो उसकी भी नहीं सुन रहा है क्योंकि भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है। विदित हो कि कंपनी प्रबंधन द्वारा सिफारिश के आधार पर लगभग 99 परसेंट नौकरी केवल वीआईपी कोटा वाले लोगों को दिया है नौकरी पर इससे बाहरी व्यक्ति भी आते हैं और वीआईपी के चाहे तो भी आते हैं जिन्हें नौकरी पर रखा गया है वहीं पर आम नागरिक का आवेदन पर विचार नहीं किया जाता बल्कि आवेदनों को रद्दी की टोकरी में फेंक दिया जाता है कहा जाता है कि अभी आपका टाइम नहीं आया है कहकर उन आवेदनों की धज्जियां उड़ा रही है कंपनी प्रबंधन। यहां तक के की कंपनी द्वारा नरियारा ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच के द्वारा शासकीय जमीन 330 एकड़ जमीन को कंपनी के हवाले करके एएमयू पर हस्ताक्षर कर दिया तथा हवाला यह भी नहीं दिया गया कि जिसके नाम से जमीन नहीं है उन शिक्षित बेरोजगारों को नौकरी पर रखने की बाध्यता भी नहीं रखा शर्तें आंख मूंदकर शासकीय जमीन को कंपनी के हवाले कर दिया। इसकी तत्काल ईडी सीबीआई जांच पड़ताल करने की तत्काल महती आवश्यकता है ऐसे में कंपनी द्वारा स्थानीय व्यक्तियों की घोर उपेक्षा किए जाने की संभावना सबसे ज्यादा नजर आ रही है शिक्षित बेरोजगार व्यक्ति भटक रहे हैं बेरोजगारी की दंश झेलते हुए कई ऐसे व्यक्ति हैं जो आत्महत्या करने के लिए मजबूर हो जाएंगे। कंपनी प्रबंधन एवं स्थानीय जिला प्रशासन के द्वारा इस पर मिलीभगत होने की वजह से स्थानीय बेरोजगारों को ठगा जा रहा है। केएसके महानदी पावर प्रोजेक्ट में केवल सिफारिश के आधार पर नौकरी दिया जाता है सिफारिश नहीं है तो उसे नौकरी नहीं दिया जाता उन आवेदनों पर विचार नहीं किया जाता उन आवेदनों के उन आवेदकों को दखल कर दिया जाता है।

Indian Crime News

Related Articles

Back to top button