Madhya Pradesh News माइनिंग इंस्पेक्टर की बड़ी कार्यवाही, अवैध मुरुम उत्खनन कर रहे जेसीबी जब्त

रिपोर्टर जाहिद अजमेरी आर खरगोन मध्य प्रदेश
कसरावद। इन दिनों कसरावद तहसील में अवैध मुरुम रेप का उत्खनन का कारोबार जोरों से चल रहा है।जहां कसरावद क्षेत्र में लगातार मुरुम खुदाई होने के बाद भी अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही नहीं की जाती वही खबर लगते ही माइनिंग इंस्पेक्टर प्रियंका अजनारे के द्वारा कसरावद से 15 किलोमीटर दूर ग्राम बलगांव में एक जेसीबी मशीन शासकीय जमीन से अवैध रूप से मुरूम खुदाई करते हुए जेसीबी को रंगे हाथ पकड़ा.बता दे की कसरावद क्षेत्र के बलगांव में जोरों से अवैध मुरम का कारोबार चल रहा था। जहां अवैध मुरम माफियाओं के हौसला बुलंद है। वहीं अवैध मुरम की गाड़ियां अधिकारियों के दरवाजे से ही होकर गुजरती थी जिस पर अभी तक कार्रवाई नहीं हुई थी। लेकिन माइनिंग इंस्पेक्टर प्रियंका अजनारे ने तत्परता दिखाते हुए अवैध खनन के कारोबारी पर एक बहुत बड़ी उपलब्धि हासिल की है। खनिज अधिकारी सावन चौहान के निर्देशन पर माइनिंग इंस्पेक्टर प्रियंका अजनारे के द्वारा मौका ए वारदात पर जाकर देखा गया कि वहां पर अवैध मुरम के कारोबारी शासकीय जमीन पर मुरम का अवैध खनन कर रहा थे। जहां एक जेसीबी मशीन खुदाई करते हुए मुरम माफियाओं के द्वारा जगह-जगह खुदाई कर डाली है। बिना रायल्टी का कर रहे मुरम खुदाई और अवैध रेत का उत्खनन किया जा रहा है। बता दें कि अवैध मुरम कारोबारी लंबे समय से कारोबार को अंजाम दे रहे थे। बिना रायल्टी के गाड़ियां दौड़ रहती है। वही इन कारोबारियों के द्वारा शासन को राजस्व का गच्चा भी दे रहे है । बिना रायल्टी के कारोबार होना वो भी खुलेआम अंजाम देना समझ से परे है। कसरावद तहसील मे कब होगी कार्यवाही- कसरावद क्षेत्र खनिज संपदा से भरा पड़ा है। अवैध रेती मुरूम का खनन सबसे ज्यादा किया जाता है। मुरुम और रेत का कारोबार कसरावद तहसील मे हो रहा है। जहां माफिया बड़े नेताओं व अधिकारियों से सेटिंग कर बेधड़क काम को अंजाम दे रहे है। सबसे बड़ी बात यह है कि अवैध मुरम खनन की शिकायत अधिकारियों को करने के बाद भी अधिकारी हल्के मे ले रहे है। जबकि बिना रायल्टी के लगातार मुरम की खोदाई हो रही है। कसरावद मे ऐसा भी है कि जिस पंचायत मे बालू रेत का 80 हजार घन मीटर का स्टॉक किया गया है। उस पंचायत सरपंच या सचिव की अनुमति नहीं ली गई है। उसी स्टाफ से अवैध उत्खनन जोरों पर जारी है। छोटी कसरावद पंचायत के सरपंच को भी पता नही रहता। वही पता हो जाने के बाद मना भी करते है। फिर भी माफियाओं के द्वारा दबंगई पूर्वक काम को अंजाम दे रहे है। इनके दबंगई से पंचायत प्रतिनिधि भी परेशान है। एक चीज और समझ नही आती कि आखिर बड़े पैमाने पर खनन होने के बाद भी अधिकारी ध्यान नही दे रहे हैं। जिससे मुरुम माफिया के हौसले बुलंद हो गए हैं इससे यही सिद्ध होता है कि या तो विभाग की बड़ी सेटिंग है या नही तो कार्यवाही करने से डरते है।

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