Rajasthan News रोती बिलखती बुजुर्ग महिला व गृहणियां घर से की गई बेघर
बैंक का कर्ज लेना परिवार पर पड़ा इतना भारी, मानवीयता भी हुई शर्मसार

रिपोर्टर अमित अग्रवाल, झालावाड़ राजस्थान
झालावाड़ जिले के चौमहला कस्बे में भावुक कर देने वाला नजारा सामने आया है। प्राइवेट बैंक के कर्ज में डूबा एक परिवार देखते ही देखते बुजूर्ग महिला पुरुष दंपती, बहुएं व छोटे छोटे बच्चे अपने घर से बेघर हो गए। अब इनके सिर के ऊपर रहने के लिए अपनी कोई छत नहीं है। बुजूर्ग महिला और गृहणियो के ये आंसू शायद अपने घर से बिछड़ने व भारी मानसिक अवसाद के है, जो एयू स्माल फाइनेंस बैंक द्वारा लोन नहीं लौटाने के एवज में घर को सीज कर दिया गया व परिवार को बाहर निकाल दिया गया। कहते है बैंक का कर्जा लोहे के चने चबाने जैसा है और यह चने आज इस उम्र दराज महिला सहित परिवार को चबाने पड़े जिनका रो-रो कर अपना बुरा हाल हो गया है व परिवार में अपने छोटे दिव्यांग बच्चे के साथ बेघर हो गई है।

दरअसल चौमहला क्षेत्र के नामी कपड़ा व्यापारी पुष्पा साड़ी के नाम से प्रसिद्ध यह प्रतिष्ठान वक्त के साथ अपना तालमेल नहीं बिठा पाया और कर्जे व कोरोना काल के दल दल में उतरता चला गया व नौबत घर सीज करने तक पहुंच गई व प्राइवेट एयू स्माल फाइनेंस बैंक द्वारा पुलिस बल के साथ पहुंचकर इनका घर सीज कर दिया। इस नजारे को देख लोगो ने इस कार्यवाही पर अफसोस भी जाहिर किया।

वही बैंक के अधिकारियों का कहना है की कर्जदार व्यापारी से कई बार लोन लौटाने के लिए कहा गया व कई बार बैंक द्वारा कार्यवाही के नोटिस दिए गए, लेकिन उक्त व्यापारी द्वारा बैंक के लोन को वापस करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई गई मजबूरन बैंक को यह कार्यवाही करनी पड़ी। इधर व्यापारी के परिवार का कहना है की बैंक द्वारा सीज करने से पहले हमे कोई नोटिस नही दिया गया है। कोरोना काल की वजह से हमारा व्यापार चौपट हो गया था, हम बैंक का कर्जा देने के लिए तैयार भी थे, लेकिन बैंक द्वारा हमारे ऊपर अनावश्यक मनमर्जी से पेनल्टी व ब्याज थोप दिया गया। जिसको देने में हम सक्षम नहीं है और बैंक को करीब 70 लाख रुपए ब्याज रूप में लौटा दिए गए। हमारे बुजुर्ग मां बाप ग्रहणीयो बच्चो को बाहर निकाला गया व एक बच्ची कक्षा 10 वीं में पड़ती हैं उसकी किताबे सामान भी अंदर रह गये है।


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