Uttar Pradesh News शंकराचार्य के आह्वान पर पूरे देश में निकाली जाएगी आदि विश्वेश्वर की डोली रथ यात्रा

रिपोर्टर विवेक सिन्हा वाराणसी उत्तर प्रदेश
वाराणसी 26 जुलाई 2023 काशी में परमाराध्य परमधर्माधीश अनंतश्रीविभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानन्द: सरस्वती महाराज के आह्वान पर अब पूरे देश में आदि विश्वेश्वर की डोली रथ यात्रा निकाली जाएगी। जगद्गुरु शंकराचार्य ने ग्यारह लाख शिवलिंग की स्थापना की घोषणा की है। वहीं हर गांव व मोहल्ले से ग्यारह लाख शिवलिंग आने की भी बात की है। इसी क्रम में बुधवार को आदि विश्वेश्वर प्रतीक पूजा एवं ग्यारह लाख शिवलिंग की स्थापना के राष्ट्रीय प्रभारी शैलेन्द्र योगीराज सरकार व पूज्यपाद शंकराचार्य महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय व डॉ. गिरीश चन्द्र तिवारी ने संयुक्त रूप से पत्रकार वार्ता की। पत्रकार वार्ता में शैलेन्द्र योगीराज सरकार, संजय पाण्डेय व डॉ. गिरीश चन्द्र तिवारी ने संयुक्त रूप से बताया कि यह आदि विश्वेश्वर डोली रथ यात्रा प्रतापगढ़ से चल कर काशी पहुंची है। अति शीघ्र काशी में भी यह डोली रथ यात्रा भ्रमण करेंगी। इसकी सूचना शीघ्र ही दी जाएगी। आदि विशेश्वर की डोली रथयात्रा भारत के सात लाख गांवों व चार लाख मुहल्लों में निकाल कर सनातनधर्मियों से एक एक शिवलिंग प्रदान करने की अपील की जाएगी। ज्ञातव्य है कि परमाराध्य परमधर्माधीश ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य महाराज ने काशी से प्रस्थान करने से पूर्व शंकराचार्य घाट स्थित श्रीविद्यामठ में स्फटिक के शिवलिंग पर प्रकट हुए आदि विशेश्वर की प्रतीक पूजा के उपरांत उपस्थित सन्तों, भक्तों व देश के सनातनधर्मियों को एक संदेश जारी करते हुए कहा था कि आदि विशेश्वर को प्रकट हुए एक वर्ष से अधिक समय बीत गया है लेकिन अभी तक उनके पूजन, राग भोग की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं की जा सकी है। भारी दुःख है कि हम भारत देश में अपने देवी देवताओं का प्रसन्नता के साथ पूजा अर्चन नहीं कर पा रहे हैं। आज हम 11 लाख से अधिक संख्या में सनातनधर्मियों ने आदि विशेश्वर की प्रतीक पूजा की है। उन सभी से एक – एक शिवलिंग काशी आकर देने की अपील करते हैं और उन 11 लाख शिवलिंगों को काशी स्थापित कर उनकी प्रतीक पूजा की जायेगी।
आज एक वर्ष से अधिक समय व्यतीत होने पर भी आदि विशेश्वर की पूजा व्यस्था प्रारम्भ नहीं हो पाने से मर्माहत ज्योतिष्पीठाधीश्वर महाराज ने समस्त सनातनधर्मियों से एक शिवलिंग देने का आग्रह किया और कहा कि आदि विशेश्वर के पूजन हेतु न्यायालय में लंबित केस को इस न्यायालय से उस न्यायालय इस तारीख से उस तारीख पर टाला जा रहा है और कोई सार्थक निर्णय नहीं लिया जा रहा है। जिससे हमारे सहित 100 करोड़ से अधिक सनातनधर्मी अत्यंत मर्माहत व व्यथित हैं। जब किसी बच्चे, व्यक्ति या महिला का मुकदमा चलता है, तो उसे भूखा नहीं रखा जाता, तो क्यों आदि विशेश्वर को भोग, राग, पूजन इत्यादि से वंचित रखा जा रहा है। जल्दी ही न्यायालय को 100 करोड़ से अधिक सनातनधर्मियों के भावनाओं को ध्यान में रखकर प्रकट आदि विश्वेश्वर केस में उचित निर्णय लेना चाहिए।


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