Rajasthan News आरटीई एक्ट के तहत नवी की बालिकाओं के निशुल्क प्रवेश का मामला।
निजी स्कूलों को आधा मिल रहा है वह भी अधूरा ही

रिपोर्टर विकास शर्मा नीमकाथाना राजस्थान
अशोक गहलोत ने आरटीआई के तहत आठवीं कक्षा पास बालिकाओं के लिए कक्षा 9 में भी निशुल्क प्रवेश की घोषणा बजट में की थी जिसकी राशि स्कूलों की फीस के अनुसार राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाना तय किया गया था योजना के तहत जिले में 307 बालिकाओं ने निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश लिया था जिनकी पुनर्भरण राशि निजी स्कूलों को अभी तक पूरी नहीं मिली है 53 सौ से ₹14892 फीस कक्षा 9 में प्रवेश के बदले राज्य सरकार निजी स्कूलों को उनकी फीस से भी आधी पुनर्भरण राशि दे रही है सीकर जिले की अगर बात की जाए तो यहां कक्षा 9 की पुनर्भरण राशि न्यूनतम 53 सो रुपए से लेकर 14892 अधिकतम तय हुई है जबकि निजी स्कूलों की फीस इससे दो से 3 गुना तक ज्यादा है फिर भी पुनर्भरण कि जो राशि तय है उसकी भी अभी तक पहली किस्त ही जारी हुई है ऐसे में कक्षा 9 में बेटियों के निशुल्क शिक्षा की सरकारी घोषणा निजी स्कूलों पर भारी पड़ रही है अब 12वीं तक की शिक्षा निशुल्क इधर राज्य सरकार ने आधा आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश का दायरा बढ़ाकर इस साल कक्षा 12 तक कर दिया है
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