Uttar Pradesh News क़त्ले हुसैन असल में मरगे यजीद है, इस्लाम जिंदा होता है हर कर्बला के बाद । चांद दिखा मोहर्रम की पहली तारीख आज

रिपोर्टर निसार अहमद उस्मानी बलरामपुर उत्तर प्रदेश
इस्लामिक साल 1445 हिजरी की शुरुवात हो गयी, इस्लामिक साल का पहला महीना मुहर्रम से शुरू होता है।मोहर्रम की पहली तारीख 20 जुलाई (जुमेरात) को और दसवीं मोहर्रम 29 जुलाई (शनिवार) को पड़ेगा। मोहर्रम के महीने में पैगंबर हजरत मुहम्मद (स०) के प्यारे नवासे हजरत इमाम हुसैन (अ०स०) को को इराक के कर्बला में मोहर्रम की 10वी तारीख(यौमे आशूरा) को उनके 72 साथियों के साथ तीन दिन के भूख प्यास की हालत में शहीद कर दिया गया। उन्ही की याद में हर साल बड़े ही इज्जत और एहतराम से मोहर्रम मनाया जाता है। उतरौला में मोहर्रम के महीने की एक अगल पहचान होती है, यहां के लोगो को मोहर्रम का शिद्दत से इंतजार होता है, शहर से बाहर रह रहे लोग भी मोहर्रम के महीने में अपने अपने घर गम मानने के लिए चले आते है। उतरौला के कस्बों और गांवों के गलियों,चौक चौराहों और सभी रास्तों की साफ सफाई हो चुकी है। घर–घर पर तकरीरे और मजलिसे हो रही है।मोहर्रम के जुलूसों का सिलसिला 5वी मोहर्रम से शुरू हो जाता है। 5वी मोहर्रम को हजरत औन(अ ० स०) और मोहम्मद(अ०स०) का ताबूत उठता है, तो 6वी मोहर्रम को हजरत अली अकबर(अ०स०) का ताबूत, 7 वी मोहर्रम को हजरत अब्बास (अ०स०) और हजरत कासिम(अ०स०)का ताबूत,8 मोहर्रम को हजरत अब्बास अलमदार(अ०स०) का आलम का जुलूस उठता है, 9वी मोहर्रम को शबीह का ताबूत उठता है और 10वी मोहर्रम यौमे आशूरा के जुलूस निकालता है। उतरौला के सभी कस्बों और गांवों का जुलूस कर्बला कब्रस्तान पर पहुंचता है।

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