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Madhya Pradesh News लखनादौन थाना में नहीं की गई एफ.आर.आई दर्ज आवेदन देने के बाद भी ना ही नहीं हो रही कोई कार्यवाही

आर टी आई लगाने पर ग्राम पंचायत गणेशगंज के दबंग सचिव ने पत्रकार को सुफियाना ढ़ाबा में बुलाकर हाथापाई करते हुए दी गई जान से मारने की धमकी

रिपोर्टर हीरालाल डेहरिया सिवनी मध्यप्रदेश

 लखनादौन : सूचना का अधिकार आम आदमी का अधिकार होता है जिसके तहत कोई भी आम व्यक्ति इस अधिकार के तहत जानकारी प्राप्त कर सकता है लेकिन ग्राम पंचायत गनेशगंज सचिव के द्वारा इस अधिकार का किया जा रहा है हनन ग्रामपंचायत गनेशगंज के सचिव द्वारा जब पंचायत में हुये पी.एम.आवास निर्माण कार्यो का विवरण जानने के लिए सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मांगने के लिए आम आदमी जाता है तो ना तो जानकारी देते हैं बल्कि जानकारी मांगने वाले को डराते धमकाते हैं इसी तरह एक मामला सामने आया है जोकि हरिभूमि अखबार के संवाददाता छब्बीलाल कमलेशिया के द्वारा ग्राम पंचायत गनेशगंज में हुये पी.एम.आवास योजना के निर्माण कार्यों का विवरण जानने के लिए सूचना के अधिकार के तहत,आरटीआई लगाया गया परन्तु आरटीआई की तय सीमा के तहत संवाददाता छब्बीलाल कमलेशिया को ना तो बुलाया गया ना ही उन्हें कोई जानकारी दी गई जब दोबारा में वही जानकारी लेने हेतु जनपद पंचायत लखनादौन में आरटीआई छब्बीलाल कमलेशिया ने लगाया गया तो गनेशगंज के दबंग एवं उसके साथी शक्ति सिंह के द्वारा उन्हें सूचना के अधिकार के तहत पी.एम.आवास योजना के मकानों की जानकारी न देने के एवज में हरिभूमि के संवाददाता छब्बीलाल कमलेशिया को डरा धमकाते हुये हाथापाई करते हुऐ उल्टे-सीधे गंदी-गंदी गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक अपशब्दों का प्रयोग कर जान से मारने की धमकी दी गई जिसकी जानकारी नजदीक, समीप थाना लखनादौन से लेकर जिला पुलिस अधीक्षक महोदय वा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग आजाक थाना सिवनी एवं जिला कलेक्टर महोदय जी को आवेदन पत्र देकर शिकायत दर्ज कराई गई परन्तु अभी तक भी छब्बीलाल कमलेशिया कि किसी प्रकार की समस्या का समाधान, निराकरण नहीं किया गया।

जिस कारणवश पत्रकार छब्बीलाल कमलेशिया ने आनलाइन राष्ट्रीय सचिवालय में अपनी शिकायत की गई जिसमें थाना लखनादौन की पुलिस द्वारा शिकायत कटवाने के लिए शिकायत कर्ता के ऊपर वना रही है पुलिस दवाव जोकि समझ से परे है लगता है कि थाना लखनादौन की पुलिस अपनी ओर से दबंग सचिव पर नहीं करना चाहती है कोई कार्यवाही इसलिए शिकायत कर्ता को फोन के माध्यम से शिकायत बापिस लेने के लिए पुलिसकर्मी लगाते है बार-बार फोन बोलते हैं अपन बैठ लेंगे आखिर क्यों कहते पुलिसकर्मी बार-बार बैठने के लिए जोकि समझ से परे है इस तरह की व्यवस्था यदि समाज में रही तो आम आदमी जाए तो कहां जाए एक और से उसे अपने अधिकारों के तहत ना तो जानकारी प्राप्त हो रही है जब उसे डराया धमकाया गया तो कानून की शरण में गया तो वहां उनके द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई इन परिस्थितियों में एक आम नागरिक करें तो क्यों करें इस पूरे मामले को जिला पंचायत अधिकारी एवं जिला पुलिस अधीक्षक को संज्ञान में लेना चाहिए एक और जिला पंचायत के अधीनस्थ कार्य कर रहे सचिवों के द्वारा जानकारी नहीं दी जा रही है वहीं कानून व्यवस्था को संचालन करने वाले अधिकारियों के द्वारा सुनवाई नहीं की जा रही है। वल्कि इसके एवज मे इन अधिकारियों द्वारा द्वारा खुली गुंडा,गर्दी दबंगई दिखाते हैं इसलिए अब जागो शिवराज मामा देखो आपके राज्य में भ्रष्टाचार का खुलासा, उजागर करने वाले व्यक्तिति पत्रकार के साथ में यह क्या हो रहा है जोकि समझ से परे है जबकि हकीक़त यहकि मामा जी अपने भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पत्रकारो के हित में आप ने क्या कहा था उसे ख्याल करो शिवराज मामा जोकि आपकी बातों का अपमानित करने वाले अधिकारियों को कठोर दंड दे दो मामा जी।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

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