Madhya Pradesh News लिफाफों की चर्चा के साथ वायरल हुआ कुलसचिव का ऑडियो
छतरपुर विश्वविद्यालय में नहीं थम रहे घोटाले से जुड़े विवाद

ब्यूरो चीफ राजू जोशी महाराज छतरपुर मध्य प्रदेश
छतरपुर का महाराजा छत्रसाल बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय पढ़ाई और खेलकूद को लेकर भले ही जिले का नाम रोशन नहीं कर पा रहा है लेकिन इस विश्वविद्यालय में चल रहीं गतिविधियां प्रदेश स्तर पर सुर्खियां बटोर रही हैं। हाल ही में अनियमितताओं को लेकर निरस्त की गईं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती का मामला अभी थमा भी नहीं था कि अब विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. एसडी चतुर्वेदी का एक ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस ऑडियो में डॉ. एसडी चतुर्वेदी के साथ एक व्यक्ति की बातचीत है जिसमें कुलसचिव डॉ. एसडी चतुर्वेदी इस व्यक्ति से लिफाफा पहुंचाने की चर्चा कर रहे हैं। हम इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करते। हालांकि कुलसचिव डॉ. एसडी चतुर्वेदी ने इस ऑडियो की पुष्टि तो की है लेकिन उन्होंने कहा कि इसे एडिट करके गलत संदर्भ के साथ वायरल किया जा रहा है। क्या है इस वायरल ऑडियो में? सोशल मीडिया पर वायरल हुए इस फोन कॉल के ऑडियो में दो व्यक्तियों की बातचीत है। एक आवाज कुलसचिव डॉ. एसडी चतुर्वेदी की बताई जा रही है जबकि दूसरी ओर से कोई कॉलेज संचालक बात कर रहा है।बातचीत की शुरूआत इस तरह होती है। कॉलेज संचालक- सर चरण स्पर्श कुलसचिव- हां बोलिये, कितनी बार फोन लगा रहे है?
कॉलेज संचालक-ये निवेदन कर रहे थे सर कि आपने लिफाफा वापिस कर दिया था हमसे ऐसी क्या गलती हो गई।
कुलसचिव- नहीं लिफाफा अभी रख दिया था उसमें एक और मेडम का रह गया था। लिफाफा जबरदस्ती मत करो, वो तो जो है गाड़ी के पैसे थे जो ले लिए और क्या करना। कुलसचिव बोले यह एडिट ऑडियो है इस मामले में कुलसचिव डॉ. एसडी चतुर्वेदी का कहना है कि यह पुरानी बातचीत का एडिट ऑडियो है। जब मैं विश्वविद्यालय में कॉलेज का निरीक्षण करने वाली कमेटी का सदस्य था। हम टीकमगढ़ के एक प्राइवेट डिग्री कॉलेज का निरीक्षण करने गए थे। कॉलेज संचालक ने लिफाफे की पेशकश की थी जिसे हमने मना कर दिया था। इसके बाद कॉलेज संचालक के संबंधित कॉलेज को मान्यता नहीं देने की अनुशंसा भी की थी। विश्वविद्यालय में पिछले 4 महीने से लगातार षडयंत्र किए जा रहे हैं यह ऑडियो भी इसी षडयंत्र का एक हिस्सा है। इस संबंध में मैंने संबंधित कॉलेज संचालक को ऑडियो वायरल करने और कुलपति से मेरी शिकायत करने के बाद 30 जून 2023 को रजिस्टर्ड डाक से नोटिस भी भेजा था। मैं इस मामले में कॉलेज संचालक के विरूद्ध एफआईआर भी दर्ज कराऊंगा।

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