Madhya Pradesh News ग्रामीण की सैकड़ों महिलाओं की मांग : शराबबंदी के लिए एसडीएम कार्यालय में दिया आवेदन

रिपोर्टर जाहिद अजमेरी आर खरगोन मध्य प्रदेश
कसरावद में जनसुनवाई मंगलवार को कसरावद जनपद के ग्राम पंचायत बडगांव के ग्रामीण एसडीएम कार्यालय पहुंचे। अनुविभागीय अधिकारी के नाम शिकायती आवेदन देकर बताया कि पंचायत क्षेत्र में कई स्थानों पर धड़कले से कच्ची शराब बेची जा रही है। मांग की गई कि इस पर प्रतिबंध लगवाया जाए। ग्रामीण संतोषी बाई तुकाराम कोगे ने बताया हमारे पति पुत्र शराब पीते हैं वह हमारे घर के बर्तन अनाज घरेलू सामग्री सामान बेचकर पीते हैं शराब पीकर घर में आते हैं और हमारे साथ घरेलू हिंसा मारपीट अत्याचार करते हैं। शाम के समय महिलाओं का घर से बाहर निकलना भय का माहौल बना रहता है अवैध कच्ची शराब माफियाओं से आबकारी विभाग का गठजोड़ हावी है । जिसके कारण हमारी बहू बेटियां पर हो रहे अत्याचार का कारण भी शराब है। ग्राम पंचायत बड़गांव में भी आबकारी विभाग आता है तो अपनी वसूली कर लोट जाता है। हम और हमारी बहू बेटियों पर आए दिन अत्याचार होते हैं
कई बार तो शराब के नशे में हमारे पति हमें रात के अंधेरे में घर से बाहर निकालते हैं और हमारे साथ मारपीट की जाती है जिसको लेकर आज हम कसरावद एसडीएम कार्यालय जनसुनवाई में ज्ञापन सौंपा है हम चाहते हैं हमारे क्षेत्र से शराब को प्रतिबंध किया जाए जबकि हमारा ग्राम बड़गांव नर्मदा किनारे आता है । जिसके बाद भी आबकारी विभाग कुंभकरण की नींद सो रहा है कसरावद तहसील क्षेत्रों में अवैध रुप से कच्ची शराब बेची जा रही है। जहां कसरावद यादव मोहल्ले की शराब दुकान एवं दोगावा ठेकों से बेखौफ शराब का अवैध परिवहन भी ढाबों पर किया जा कई बार तो नाबालिक बच्चों को भी ठेके से शराब ले जाते हुए देखा गया है ठेका कर्मचारी को रोकटोक करने पर विवाद की स्थिति बनती है। जबकि मुख्यमंत्री ने शराब अहाता को 1 अप्रैल से बंद किया गया है अहाते तो बंद हो गए पर अहाता की शक्लो में ढाबा संचालकों की बल्ले बल्ले हौ गई है और अबकारी विभाग को जगह-जगह से वसूली का मौका मिल गया है। जिससे शहर और गांव की शांति बनी रहे इसलिए शराब बिक्री पर रोक लगाएं। कसरावद मैं शासकीय लाइसेंसी अंग्रेजी व देशी शराब दुकानों पर भी परिवहन पर भी रोक लगाई जाए।

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