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Chhattisgarh News  जिले में केस के महानदी पावर प्रोजेक्ट की स्थापना तो हो रही है मगर कर्मचारियों के प्रति वादाखिलाफी कर रही है।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

जिसमें की भूमि स्थापित श्रमिकों के बीच विवाद थमने का नाम नहीं ले रही है आए दिन प्लांट प्रबंधन वादाखिलाफी पर उतारा जाता है जिसके चलते विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है अब प्रबंधन की लापरवाही से श्रमिक परिवारों के लगभग 600 बच्चों का भविष्य अधर में है बात दरअसल यह है कि श्रमिक बच्चों की शैक्षणिक विकास कार्य हेतु वादा किया था कंपनी ने मगर उन वादा के खिलाफ मुकर रही है तथा कंपनी के द्वारा विस्थापित श्रमिकों के दो बच्चों के शैक्षणिक शुल्क 11 ₹100 भत्ता देने एवं परिवार के दो बच्चों की पढ़ाई खर्चा उठाने का दावा किया था यह दावा अब खोखला साबित हो रही है जिसके चलते अब बच्चे स्कूल जाने से वंचित हैं। हां जाता है कि बच्चे देश के भविष्य हैं मगर उन बच्चों के भविष्य के साथ केएसके महानदी पावर प्रोजेक्ट वादाखिलाफी कर रही है इससे नाराज होकर 8ns को यूनियन के आह्वान पर कारखाना में प र टुल डाउन हो गया है इससे वहां का काम ठप पड़ा हुआ है मामले में संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने प्रबंधन से कहा कि जो वादा किया है उसे जल्द पूरा करें अन्यथा कंपनी के खिलाफ अनुशासनात्मक दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। केएसके महानदी पावर प्रोजेक्ट कंपनी की स्थापना से शुरू हुआ विवाद अब तक के जारी है आए दिन किसी न किसी मुद्दे पर लेकर प्रबंधन और श्रमिक आमने-सामने मुठभेड़ नजर आते हैं युद्ध के मैदान में कंपनी ने बीते 8 मई को एक सूचना चस्पा किया था कि जिसमें कंपनी ने कहा था कि विस्थापित श्रमिक पारू परिवारों के बच्चों की संख्या दो कि शैक्षणिक खर्च प्रबंधन उठाएगा मगर नए सत्र में प्रवेश के लिए प्रवेश फार्म भी दिया जा रहा है लेकिन स्कूल खुलने के बाद यह दावा हवा हवाई निकल गई की कंपनी प्रबंधन और स्कूलों के मध्य कोई अनुबंध नहीं हुआ है। गौरतलब है कि श्रमिकों का कहना है कि उनके बच्चों के भविष्य का क्या हाल होगा जो अब तक के एडमिशन नहीं हुआ है कई पालकों ने स्कूल से टीसी भी निकाल लिया है स्कूल खुलने के बाद यदि बच्चे स्कूल ना जाए तो उनके भविष्य अंधकार माय हो जाएंगे वहीं जिले के श्रम अधिकारी का कहना है कि प्रबंधन ने जो वादा किया है वह विस्थापित श्रमिकों से उनको पूरा करना चाहिए उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करा दी गई है इस समस्याएं जल्द निदान किया जाए प्रबंधन से भी बात हो रही है मगर वह बात विवादास्पद नजर आ रही है। इसी तरह से श्रमिकों के प्रति आवास की भी हॉस्पिटल के संबंध में भी एवं नरियारा से शिफ्ट में काम करने वाले श्रमिकों को वाहन सुविधा भी उपलब्ध नहीं है श्रमिक अपने खुद के मोटर साइकिल से साइकिल से कार्यस्थल पर जाते हैं। बाहर के कर्मचारियों को लाने ले जाने के लिए बस की सुविधा है मगर लोकल कर्मचारियों को यह सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई है जबकि वादा के अनुसार कर्मचारियों को लाने ले जाने की भी अनुबंध की गई है परिवहन के माध्यम से। कंपनी द्वारा कर्मचारी विरोधी कार्य किया जा रहा है जिससे कर्मचारी और प्रबंधन के बीच किसी भी प्रकार की मध्यस्थता नहीं हो रही है। कर्मचारी के बच्चों की भविष्य कुल मिलाकर अंधकार में कंडीशन आ गई है बच्चे घर में खाली बैठे नजर आ रहे हैं।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

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