Rajasthan News सांचौर जिला जालोर से आरटीआई कार्यकर्ता बाबुलाल सुथार ने राजस्थान राज्य सूचना आयोग पर लगायें गंभीर आरोप
राजस्थान राज्य सूचना आयोग कर रहा है नियमों की अवहेलना सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 की खुलकर उड़ा रहे धज्जियां

रिपोर्टर उत्तम सिंह बाड़मेर राजस्थान
जो पत्र सूचना प्राप्ति करने के लिए जो आवेदन भेजे गए थे उस आवेदन को लोक सूचना अधिकारियों ने लेने से इंकार कर दिया लेकिन वही आवेदन मैंने राजस्थान सूचना आयोग को भेजकर अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने का निवेदन किया लेकिन भ्रष्ट अधिकारियों ने वही आवेदन वापस अपीलार्थी को भेजकर मामला दबाना चाहते हैं प्रत्येक सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 कि खुलकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। खुलेआम भ्रष्टाचार हो रहा है और इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है मेरे द्वारा भेजे गए पत्र जो अपील है ग्राम विकास अधिकारी दाता एवं ग्राम विकास अधिकारी मेडा जागीर द्वारा लेने से इनकार किया गया था वह अपील अपीलार्थी ने दुबारा राजस्थान राज्य सूचना आयोग को भेजकर लोक सुचना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने हेतु निवेदन किया गया था लेकिन राजस्थान राज्य सूचना आयुक्त आंखों पर काली पट्टी बांध कर बैठा है केवल भ्रष्टाचार किया जा रहा है अधिकारी रिश्वत लेकर फैसला बदलते हैं। खुलकर नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं इसी प्रकार कोई सूचनाएं उपलब्ध नहीं करवाई एवं कार्यवाही के बदले निर्णय आरोपी के पक्ष में देकर अपीलें लगातार खारिज की जा रही है इस प्रकार आरटीआई कार्यकर्ता द्वारा नगर पालिका भीनमाल में शमशान भूमि पर फर्जी पट्टे जारी किए गए थे जो 1 पटटा 50,00000 की रिश्वत लेकर तीन पट्टे जारी किए गए थे वह फोटो की प्रमाणित प्रतिलिपि मांगी गई थी ।
जिसकी अबतक सूचना उपलब्ध नहीं करवाई और निर्णय में अपील खारिज की गई,सरासर भ्रष्टाचार मिलकर करते हैं और भ्रष्टाचार खुलेआम हो रहा है जिस पर कोई ऐसी सूचनाएं आरटीआई कार्यकर्ता मांगता है तो उस पर परेशान करने के फर्जी आरोप लगाकर सूचना नहीं देने की नियत से मामला दबाकर अपील खारिज की जाती है ऐसे कोई निर्णय नहीं यह निर्णय भ्रष्ट अधिकारी राजस्थान राज्य सूचना आयोग की मनमर्जी के लिए जा रहे हैं और अपील खारिज भी इनकी मनमर्जी से की जाती है यह सरासर आरटीआई कार्यकर्ताओं के साथ बड़ा धोखा है इसलिए आरटीआई कार्यकर्ता बाबूराम सुथार एक राज्यपाल के नाम पत्र लिखकर राजस्थान राज्य सूचना आयोग के विरुद्ध कार्य करने हेतु ज्ञापन भेजा गया राजस्थान राज्य सूचना आयोग के निर्णय लेकर अपील खारीज की जाती है किसी प्रकार की कोई सूचनाएं उपलब्ध नहीं करवाई जाती लगातार रिश्वत लेकर निर्णय बदले जाते हैं और अगले खारिज की जाती है खुलकर खुलेआम भ्रष्टाचार कर रहे हैं राजस्थान राज्य सूचना आयोग के अधिकारी पहले शीतल धनकड द्वारा बहुत ही ज्यादा भ्रष्टाचार किया गया था और अब मोहन लाठर तक कर के कोई वरिष्ठ अधिकारी खुलकर खुलेआम भ्रष्टाचार करता है इस प्रकार खुलेआम हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ उचित कार्रवाई नहीं हुई तो मैं उच्च न्यायालय जोधपुर रिट करूंगा जोधपुर जिसमें तमाम जवाबदारी राजस्थान राज्य सूचना आयोग की रहेगी
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