Madhya Pradesh News 10और 11जून को हुए भुर्जी भोजवाल समाज कल्याण समिति पन्ना द्वारा सम्मेलन आयोजको ने पेस की मनाओता की मिसाल पन्ना सम्मलेन के आयोजको ने बताई समाज और परिवार की परिभाषा

रिपोर्टर सत्यव्रत भुर्जी पन्ना मध्य प्रदेश
14 जून को जब मैंने समाज की एक हकीकत से समाज को अवगत कराया, उसके बाद मेरे पास कई फोन आए , और जिस बेटी के रमने की बात हुई थी बहुत से लोगो ने बर्ड क्रमक 3 के जिला पंचायत सदस्य श्री दिनेश जी के कार्यों की सराहना की, और बहुत से लोगो ने ये भी कहा अगर मेरी कहीं भी जरूरत पड़े तो मुझे अवगत कराइएगा , सौभाग्य हमारे समाज का है की हमे श्री दिनेश जी भुर्जी जैसा राजावान हृदय के व्यक्ति मिले , जिनके ऊर्जावान और जमीनी हकीकत को जानने वाले श्री संतोष जी गुप्ता पन्ना , उप प्रचार प्रसार प्रचार मंत्री मध्य प्रदेश, श्री जय कुमार गुप्ता जी अजयगढ़ , श्री दुर्गेश गुप्ता जी पन्ना , आप लोगो ने समाज को सच में ये बताया की आप समाज के वो गौरव हैं जिसे जिस तराजू में तौला जाए पर आपकी सेवा का कोई मोल नहीं लगा सकता , आज आप लोग उस बच्ची जिसके पिता स्वर्गवासी हो गए थे उसके रमने में विधिवध तरीके से गए , उस बच्ची को ससम्मान पहली विदा करा कर घर लाएं, आप चारो की समाज सेवा को मेरा बारंबार प्रणाम , ऐसे ही पन्ना रत्नों की धरती नही कहलाती ये बात आज समझ में आ गई , भगवान जुगुल किशोर जी का आशीर्वाद आप पर और उस बच्ची पर सदैव बना रहे यही ईश्वर से प्रार्थना है।
आप जैसे लोग ही इतिहास रचते हैं यह बात कहने में आज मुझे गर्व की अनुभूति होती है, आप जैसे 2,4 लोग अगर समाज में और हो जाए तो ना जाने कितने बच्चों का भविष्य बन जाए .आप लोगो को और आपकी समाज सेवा को बारंबार प्रणाम कैसा लगेगा आपको जब एक बिना पिता की बच्ची बोले मुझे गमने में लेने कौन आएगा पन्ना सम्मलेन के आयोजन कर्ता, श्री दिनेश जी , श्री संतोष जी , श्री जयकुमार जी , श्री मति रीता जी , श्री दीपक जी सत्यव्रत भुर्जी जी ने सोचा भी ना होगा जब एक बच्ची जिसके पिता इस दुनिया में नहीं रहे और इस सम्मलेन में ही उसकी सादी तय हुई और विवाह भी हुआ , उस बच्ची ने अपनी मां से कहा मां मेरी सादी तो हो रही है पर मेरे रमने में मुझे लेने कौन आएगा , वो पल रौगते खड़े करने वाला था , आयोजन मंडल से तभी श्री दिनेश जी सिंहपुर ने बोला तुम फिकर मत करो बेटा मैं तुम्हे लेने आऊंगा सम्मलेन का अर्थ सिर्फ चकाचौंध और भीड़ जुटना नही था , आज के परिवेश में उसे व्यापार मेला बना दिया गया है, भारत में सम्मलेन की देन हमारे भुर्जी भुंजवा समाज की देन रही है, हमे देख कर अन्य जातियों ने वैवाहिक सम्मलेन करने चालू किए, पर आज हमने ही उसके मायने बदल दिए, मैं कम उम्र में समाज से जुड़ा पर मेरा रिव्यू और व्यू समाज के लिए हमेशा से समाज को आगे ले जाने के लिए रहा है , ये भी हो सकता है कुछ सालो के लिए अब मैं समाज सेवा से विराम लू, शायद ये सही समय नही है मेरे लिए की मैं समाज सेवा में आऊं, पर उस बच्ची का सवाल मैं आपके कानों तक पहुचाना चाहता हूं, जिन्हे जरूरत है उनके मसीहा बनिए, यही मेरे समाज के पिछड़े भाईयो की मनोकामना है।


Subscribe to my channel