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Uttar Pradesh News : अतिक्रमण के खिलाफ सड़क से कलेक्ट्रेट तक उठी आवाज, आजाद अधिकार सेवा ने प्रशासन से मांगी तत्काल कार्रवाई ।

रिपोर्टर एजाज नबी जैदी मुजफ्फरनगर उत्तर प्रदेश

मुजफ्फरनगर: सार्वजनिक रास्ते पर कथित अतिक्रमण और नाले की बदहाल व्यवस्था से परेशान ग्राम नया गांव निजामपुर के ग्रामीण गुरुवार को जिला मुख्यालय पहुंच गए। 3 सितंबर 2026 को ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट्रेट परिसर में धरना-प्रदर्शन कर प्रशासन के सामने अपनी शिकायत रखी। प्रदर्शन का नेतृत्व आजाद अधिकार सेवा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ उर्फ गुड्डू ने किया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरफराज एवं सत्तार पुत्रगण ईददू ने सार्वजनिक गली में बड़े-बड़े रैंप बनाकर रास्ते पर अतिक्रमण कर रखा है। इसके अलावा गली में समरसिबल लगाए जाने से भी आम लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब भी इन कथित अतिक्रमणों का विरोध किया जाता है तो चारों भाई एकजुट होकर विवाद और झगड़े पर उतारू हो जाते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि समस्या यहीं खत्म नहीं होती। इसी मोहल्ले में शराफत पुत्र फैयाज द्वारा नाले के ऊपर चबूतरा बनाए जाने का आरोप है। ग्रामीणों के मुताबिक नाले में कूड़ा भर जाने और उसके ऊपर अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी पूरी तरह प्रभावित हो रही है। हालात यह हैं कि बारिश अथवा गंदे पानी के कारण गली-मोहल्ले में जलभराव की गंभीर स्थिति पैदा हो रही है और लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

धरने से प्रशासन तक पहुंचाई मांग
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग की कि सार्वजनिक गली और नाले का तत्काल स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, ताकि मौके की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। अतिक्रमण की पुष्टि होने पर रैंप, चबूतरा और अन्य अवरोधों को नियमानुसार हटाया जाए तथा नाले की तत्काल सफाई कराकर जल निकासी व्यवस्था को सुचारू किया जाए।

ग्रामीणों ने यह भी मांग की कि जांच में जो भी व्यक्ति अतिक्रमण अथवा अव्यवस्था के लिए जिम्मेदार पाया जाए, उसके खिलाफ नियमों के तहत कठोर कार्रवाई की जाए।

मामला जनहित का, निष्पक्ष जांच जरूरी”—गुड्डू
आजाद अधिकार सेवा के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मोहम्मद यूसुफ उर्फ गुड्डू ने कहा कि सार्वजनिक रास्ते और नाले से जुड़ी समस्या सीधे आम जनता के हितों से जुड़ी है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले को गंभीरता से लेते हुए बिना किसी दबाव के निष्पक्ष स्थलीय जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक रास्तों पर अवरोध और जल निकासी में बाधा किसी भी स्थिति में आम लोगों के लिए परेशानी का कारण नहीं बननी चाहिए। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से जल्द समाधान की उम्मीद जताई है।

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