Madhya Pradesh News अगर धर्म ग्रंथ को छेड़ा जाएगा तो सारे समाज में अनीति फैल जाएगी- जगद्गुरु स्वामी रामलला चार्य

रिपोर्टर रामदत्त दहयात सतना मध्य प्रदेश
सतना मानसपीठ खजुरी ताल के जगतगुरु जी ने कहा कि इस समय जो आदिपुरुष फिल्म पूरे देश में दिखाई जा रही है इसके द्वारा हमारे सनातन धर्म में चलने वाले लोगों के लिए घोर संकट दिखाई दे रहा है आज के कई वर्षों पहले किसी फिल्म को या की फिल्म का जो साधन जुटाया गया था वह एकमात्र मनोरंजन के लिए ही फिल्मों का फिल्मांकन किया जाता था सबसे पहली फिल्म हरिश्चंद्र के माध्यम से सारे समाज को दिखाई गई थी और सारे लोगों को एक मनोरंजन का साधन चारित्रिक शिक्षा जिससे कि सारे लोगों में एक चरित्र का निर्माण हो सके और मनोरंजन का साधन बन सके लेकिन आज यहां तक देश की स्थिति पहुंच गई जिसको सोचकर भी हमें घोर दुख उत्पन्न होता है और सनातन धर्मावलंबी जितने भी भाई बंधु माताएं बहने हैं वैष्णव जन है या की कोई भी जो सनातन धर्म के हैं उन सभी को घोर वेदना हो रही है की रामायण में आज आदिपुरुष जैसी फिल्म का फिल्मांकन करके सारे समाज को क्या देना चाहते हैं जगत गुरु जी ने कहा की फिल्म के डायरेक्टर ओम् राउत जी को कहना चाहूंगा कि सबसे पहले आप रामायण पढ़िए रामायण पढ़ने के बाद आप जानिए कि राम कहते किसे हैं राम कोई एक साधारण व्यक्ति नहीं है राम का कोई पर्सनल एक जीवन नहीं है की उसको आप किसी भी तरह फिल्मांकन करके सारे समाज को दे देंगे ओम राउत जी को शर्म आना चाहिए कि आज के हिसाब से आप रामायण बना रहे हो आप का सीना फट जाना चाहिए वेदनाओं से कि राम के वेशभूषा भगवान राम के द्वारा जो आपने संवाद प्रस्तुत कराया है रावण हनुमान एवं लक्ष्मण के द्वारा जो संवाद प्रस्तुत कराया हैं उनको एक बार झांकीए तो आप क्या बुलवा रहे हो आज के समय के हिसाब से रामायण का निर्माण नहीं हो सकता रामायण के हिसाब से आज का समय निर्माण करना होगा तब राम राज्य की स्थापना होगी और अपने जीवन में सुख शांति उत्पन्न होगी उस काल का जिस काल की रामायण आप दिखा रहे हैं उस काल का रावण भी इतना दुष्ट प्रवृत्ति वाला प्राणी नहीं था जितना आप आदिपुरुष के माध्यम से दिखा रहे हो लोगों के संवाद उनकी वेशभूषा उनकी चर्चा राम का ऐसा जीवन था कि जिससे करोड़ों वर्षों से लेकर आज तक लोग शिक्षा ले रहे हैं उनकी चाल से शिक्षा ले रहे हैं बैठने से शिक्षा ले रहे हैं नजरों से रामायण पढ़ कर देखिए तो उनके नजरों का क्या वर्णन है उनके सौंदर्य का क्या वर्णन है आज के हिसाब से रामायण को करने की जरूरत नहीं है रामायण के हिसाब से आज के समय का निर्माण करिए और देश की गरिमा को खत्म मत करिए देश की गरिमा में वेदना मत पहुंचाइए जगतगुरु जी ने कहा कि आप लोग राक्षस हैं और आप लोग ऐसे हैं
जो कि रावण से भी गए गुजरे हैं जगतगुरु जी ने सरकार से निवेदन करते हुए कहा कि ऐसे लोगों के ऊपर बैन लगना चाहिए और कठोर कार्रवाई करते हुए कठोर दंड भी देना चाहिए क्योंकि हमारे धर्म ग्रंथ को छेड़ने का यह घोर प्रयास किया गया है अगर धर्म ग्रंथ को छेड़ा जाएगा तो सारे समाज में अनीति फैल जाएगी महाभारत रामायण गीता भागवत यह सारी चीज समाज को एक सूत्र में बांध कर रखते हैं एक जगह पर बैठातें हैं एक जगह पर सभी को संकलित करते हैं रामायण को अगर निकाल दिया जाएगा रामायण को दूसरी प्रवृत्ति से दिखाया जाएगा तो संबंध की स्थापना कहां से करोगे भाई बहन माताओं को किसको समझाओगे आप,पति पत्नी के व्यवहार को कैसे समझाओगे राम का वो जीवन नहीं है जिस जीवन में आज आप जी रहे हैं राम का जीवन वह है जिससे चारों वर्ण के लोग चारों धर्म के लोग हर व्यक्ति को एक सीख मिलती है गृहस्थ का जीवन तो है ही सन्यासी, ब्रह्मचारी और वानप्रस्थथी भी शिक्षा लेता है राम का जीवन साधारण एक पति पत्नी का नहीं है जिसको आप फिल्मांकन करके जैसा चाहोगे वैसा दिखा रहे हो आज करोड़ों लोगों के आस्था पर आप कितनी ठेस पहुंचा रहे हो मुझे स्वयं में इतनी वेदना हो रही है और साथ में पूरे देश को सनातन धर्म को सनातन धर्मावलंबियों को वेदना हो रही है और पता नहीं आप क्या दिखाना चाह रहे हो क्या करना चाहते हो आप अपने आप पर फिल्मांकन करिए आप दुनिया में जो फिल्म दिखा रहे हैं समाज में जो दिखा रहे हैं उससे हमें कोई दिक्कत नहीं है आज तक हमने कभी नहीं बोला एवं धर्म के किसी व्यक्ति ने नहीं बोला आप क्या दिखा रहे हो लेकिन अगर हमारे धर्म पर आप छेड़खानी करोगे तो आपकी खैरियत नहीं है आप के लिए कल्याण नहीं है हम अभी भी निवेदन करते हैं कि इसे तुरंत बंद किया जाए और सरकार से भी निवेदन है कि इस पर बैन लगाया जाए क्योंकि सरकार में भी सनातन धर्मी लोग बैठे हुए हैं वह दूसरे धर्म के नहीं हैं जो रामायण हमारा सद ग्रंथ वेदों जैसे पूज्य वेद आज जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिल रहा है लाखों लोग राम का चरित्र गाकर दुनिया में एक भाईचारे की स्थापना कर रहे हैं राम भरत का प्रेम दिखाकर दुनिया के लोगों को एक सीख दे रहे हैं अगर किसी बच्चे में कोई अच्छा गुण हो जाता है तो राम की सत्ता दी जाती है कि तू राम जैसा है क्या आप आदि पुरुष के फिल्मांकन से श्रीराम की तुलना करोगे आप आज के समय में आदि पुरुष के राम को दिखाकर आगे चलने वाले लोगों को गुमराह कर रहे हो हनुमान जी का इतना गंदा संवाद आपने प्रस्तुत किया है रावण के सामने हनुमान जी ज्ञानियों में सर्वश्रेष्ठ हैं और उनसे ऐसा बुलवाया जा रहा है जगतगुरु जी ने कहा कि मैं विशेष ओम राउत जी से एवं सरकार से निवेदन करूंगा की इस फिल्म को तत्काल बैन किया जाना चाहिए नहीं आने वाली पीढ़ियां कभी भी आपको क्षमा नहीं करेंगे और आपके पूर्वज तो क्षमा करेंगे ही नहीं और जितने भी सनातन धर्म परिवार के लोग हैं उनसे मैं विशेष आग्रह करता हूं कि किसी भी परिस्थिति में इस फिल्म को आप न देखें बच्चों को ना दिखाएं क्योंकि हमारे जो छोटे-छोटे बच्चे हैं निर्णय करने की क्षमता उनमें नहीं होती उनके सामने चारित्रिक शिक्षा नहीं दी गई तो उनके चरित्र का निर्माण नहीं होगा तो माता पिता की सेवा भाई की सेवा भाईचारे की भावना या कि संगठित परिवार कभी भी नहीं रह पाएगा मात्र परिवार को चलाने की एक ही जगह है एक ही धर्म ग्रंथ है वह है रामायण जिससे कि पारिवारिक शिक्षा और समाज की शिक्षा मिलती है !


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