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Madhya Pradesh News अनूपपुर जिला के पसान हल्का पटवारी शैलेंद्र द्विवेदी जब से पसान मैं पदभार संभाले हैं

रिपोर्टर सूर्यकांत मिश्रा अनूपपुर मध्य प्रदेश

 अनूपपुर :  इनका इस जिले का पैदाइशी मूलनिवासी होने का इनको गर्व है ! यह अपने आप को राजस्व के एक जिम्मेदार अधिकारी ना समझते हुए लोकल प्रभाव लेकर चल रहे हैं तथा लोकल पटवारी होने का भरपूर लाभ किसानों से कार्यों को रोककर ले रहे हैं ! लोकल होने से इनका इतना ज्यादा मनोबल बढ़ा हुआ है की किसान से नाराज होकर गर्म होकर तेज आवाज में बात करते हुए मूलनिवासी होने का रौब दिखाने से बाज नहीं आ रहे हैं ! इस जिले का मूलनिवासी होने से राजनीत का तथा अपने समकक्ष के लोगों का अत्यधिक सहारा इनके द्वारा लिया जा रहा है ! जिले के कुछ नेताओं से पटवारी की दोस्ती जान पहचान है ! इन नेताओं के दम पर पटवारी महोदय किसानों के साथ शोषण करते हुए . इनके महत्वपूर्ण राजस्व के कार्यों को अति विलंब के बाद भी विलंब करते हुए न्यायालय के आदेशों तक को कलेक्टर एसडीएम तहसीलदार के आदेश के बाद भी नहीं किया जा रहा है ! इनके ऊपर कोई भी व्यक्ति यदि शिकायत कर्ता है तो इन्हीं दोस्त समकक्ष लोगों जान पहचान के नेताओं के द्वारा मदद लेकर अपने ऊपर हो रही कार्यवाही पर बचाव करते रहते हैं ! इनके द्वारा उपरोक्त उच्चाधिकारियों के इनको दिए गए आदेशों निर्देशों का पालन ना करना किसानों की राजस्व कार्य को ना करना उच्च मनोबल का सूचक है ! पटवारी शैलेंद्र द्विवेदी के द्वारा अब अति विलंब के बाद राजस्व कार्यों को ना करते हुए यह कहा जा रहा है की कमिश्नर न्यायालय शहडोल के आदेश कलेक्टर एसडीएम तहसीलदार अनूपपुर को हुआ है ! मेरे को सीधे तौर पर कमिश्नर न्यायालय द्वारा आदेश नहीं प्राप्त है की मैं ही नक्शा तरमीम सीमांकन करके न्यायालय मैं स्वयं प्रस्तुत करूं ! अब सवाल यह उठता है कि तहसीलदार अनूपपुर द्वारा इस 5 माह के उपरांत तीन बार नोटिस सूचना सीमांकन तरमीम मौका स्थल पर पहुंच कर करके विधिवत संपादित करते हुए एक माह के अंदर 16 जनवरी 2023 को कमिश्नर न्यायालय के द्वारा किए गए उपरोक्त आदेश को पालन करने के लिए या तो मौका स्थल पर इनके कथन अनुसार कलेक्टर एसडीएम तहसीलदार पहुंचकर इस कार्य को संपादित करें तथा मौका स्थल पर पंचनामा प्रतिवेदन नक्शा तरमीम सीमांकन करके न्यायालय मैं प्रस्तुत करें ! तभी न्यायालय कमिश्नर शहडोल के 5 माह के आदेश अब मानना का पालन होगा ! अब पटवारी शैलेंद्र द्विवेदी के द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से कॉमेंट किया जा रहा है की मौका स्थल भूमि पर पहुंचकर नक्शा तरमीम सीमांकन का कार्य करने का मुझे अधिकार नहीं है किसान स्वयं एसडीएम तहसीलदार से जाकर मिलकर उनसे अपना काम कराए ! पटवारी शैलेंद्र द्विवेदी के इन तथ्य हीन बातों में क्या सच्चाई है यह बात न्याय संगत है या नियम विरुद्ध तरीके से इनके द्वारा बात रखी गई है इस पर उच्चाधिकारियों को ही संज्ञान लेना चाहिए ! इन दिनों शैलेंद्र द्विवेदी पटवारी हल्का पसान द्वारा नियम विरुद्ध बातों को भी कर देने में सक्षम है नहीं चूकते हैं ! इनके द्वारा पद के अनुसार राजस्व के कार्यों को ना करते हुए इधर उधर की बातें करना ही न्यायसंगत समझ रहे हैं ! इन्हीं तरह-तरह के बातों में किसानों को इनके द्वारा उलझा कर रखा जा रहा है ! जिससे किसानों के राजस्व के न्याय संगत सभी कार्य इनके द्वारा सालों साल के रुके हुए हैं ! इनके द्वारा किसानों के कार्यों को रोककर परेशान करते हुए आर्थिक शोषण कर लाभ लेकर लगातार परेशान किया जा रहा है ! इस बात की शिकायत पीड़ित किसानों ने उच्चाधिकारियों से की है ! किसानों के काम यदि समय रहते न्याय संगत बगैर आर्थिक लाभ लिए इनके द्वारा किए जाते किसान यदि इन से पीड़ित न समय पर लोगों का काम होता तो इनके नाम की शिकायत क्यों होती ! यदि कोई अधिकारी किसान हित में अच्छा कार्य करते हैं तो नाम होता है ! और यदि कोई अधिकारी किसानों का शोषण करते हुए किसान हित में न्यायोचित कार्य नहीं करता है तब भी नाम ही होता है ! अब अधिकारी स्वयं तय करें किस तरह से हमारा नाम होना चाहिए !

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