IC News and Media House Private Limited


ब्रेकिंग न्यूज़मध्यप्रदेश

Madhya Pradesh News वॉटरशेड विकास से पुष्पराजगढ़ के 3 परियोजनाओं में 247 इकाईयों के निर्माण से 1709.5 हेक्टेयर की सिंचाई क्षमता में हुई वृद्धि

जल संरचनाओं के निर्माण से कृषक मछली पालन कर अतिरिक्त आय कर रहे अर्जित

 रिपोर्टर कंचन साहू उमरिया मध्य प्रदेश 

 प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटरशेड विकास 2.0 अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा पुष्पराजगढ़ विकासखण्ड में 3 परियोजनाओं के चयनित ग्रामों में वर्षा जल को अधिक से अधिक जल भण्डारण कर भूमिगत जल में वृद्धि के साथ-साथ फसलों में सिंचाई कर एक फसली से दो फसली खेती के लिए पानी की सुविधा उपलब्ध कराने से अधिक से अधिक कृषकों को लाभ प्रदाय करने तथा गैर कृषि गतिविधियों जैसे मछलीपालन, मुर्गीपालन, बकरी पालन, सिंघाड़ा उत्पादन एवं सब्जी उत्पादन, विभिन्न विभागों से अभिशरण कर कृषकों की आय को दोगुना करने के उद्देश्‍य से प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटरशेड विकास 2.0 अंतर्गत 229 खेत तालाब तथा 18 अमृत सरोवर कुल 247 जल संरचना इकाईयों का निर्माण 1466.7 लाख की लागत से कराया गया है। जिसमें 1270.45 लाख व्यय राषि है।

खेत तालाब के निर्माण से 12 लाख 59 हजार 500 घन मीटर तथा अमृत सरोवर के निर्माण से 4 लाख 50 हजार घन मीटर जल संग्रहण क्षमता होगी। जिससे 1709.5 हेक्टेयर सिंचाई सामर्थ्य होगा। जल संरचनाओं के निर्माण से 610 किसान लाभान्वित होंगे। वॉटर शेड परियोजना के क्रियान्वयन के परिणामस्वरूप पूर्व में किसान खरीफ में धान और मक्का की खेती लेते थे। रबी फसल का रकबा लगभग शून्य था, किन्तु उपरोक्त जल संरचनाओं के निर्मित हो जाने से रबी फसल के क्षेत्र में 1709.5 हेक्टेयर सिंचाई सृजित कर 610 कृषकों को गेहूं एवं चने के रकबे में वृद्धि करते हुए 12 से 15 क्विंटल प्रति हेक्टेयर फसल उत्पादन में वृद्धि हुई है। जिला प्रशासन की पहल पर वर्ष 2022-23 में 75 कृषकों द्वारा मछली पालन कर 35 से 40 हजार रुपये आय में अतिरिक्त वृद्धि की गई है।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button