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Madhya Pradesh News मुझे इच्छामृत्यु की अनुमति दो, तो शासन-प्रशासन भी खुश हो जाएगा- सोमेश्वर पाटीदार

कुक्षी जिला की मांग की उपेक्षा के कारण आंदोलन प्रमुख सोमेश्वर पाटीदार ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

रिपोर्टर आशिक अली उज्जैन मध्य प्रदेश

5-50 किलो वजन कम होकर स्वास्थ बिगड़ने से कोमा मे जाने की भी संभावना- डॉ अभिषेक रावत

कुक्षी। राष्ट की गौरव महामहिम राष्ट्रपति महोदय श्रीमती द्रोपदी मुर्मू जी बहुत दुखी मन से कहता हूं कि, मुझे इच्छामृत्यु की अनुमति अनुमति दे दो ताकि मध्यप्रदेश शासन-प्रशासन भी खुश हो जाये। अथवा मध्यप्रदेश शासन को सख्त आदेश दीजिये कि, वह आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कुक्षी अतिशीघ्र जिला बनाये। उपरोक्त विषयक पत्र देश की महामहिम राष्ट्रपति महोदय को “कुक्षी जिला बनाओ आंदोलन” प्रमुख सोमेश्वर पाटीदार द्वारा प्रेषित पत्र में व मीडिया को भी कही। पत्र में उल्लेख है कि, म.प्र. के धार जिले को पृथक कर कुक्षी को जिला बनाने हेतु बरसो से विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से म.प्र. शासन से मांग की जा रही है। सामाजिक धार्मिक राजनीतिक सगठनों के समर्थन सहित बिंदुवार जानकारी का मांग प्रस्ताव पत्र स्थानीय स्तर से लेकर शासन तक कई बार प्रेषित किये व सौपा भी जा चुका है।

हमने जनसमर्थन से हस्ताक्षर अभियान, कुक्षी से नागपुर संघ मुख्यालय तक साइकिल से यात्रा करते हुए लभगभ 800 किमी की दूरी तय कर ज्ञापन सौपा। क्योंकि आरएसएस के कार्यो की दृष्टि से भी कुक्षी जिला है। मुख्यमंत्री को खून से लिखकर भी पत्र प्रेषित किया। 112 दिवस तक मौन रहकर भी शासन का ध्यानाकर्षण करवाने का प्रयास किया। शासन-प्रशासन को सद्बुद्धि देने हेतु सम्भावित कुक्षी जिला क्षेत्र में शिव आराधना के पावन पर्व श्रावण माह में अतिप्राचीन शिवलिंगों का अभिषेक किया। संभावित कुक्षी जिला क्षेत्र में “जनहित का सफ़र” नामक जनसम्पर्क यात्रा कर लोगों से संवाद किया।

इसी दौरान ग्रामीणो ने मुख्यमंत्री को पोस्टकार्ड द्वारा ज्ञापन भोपाल भेजे गए।
संभावित कुक्षी जिला क्षेत्र में व्यापारियों ने अपने प्रतिष्ठान बंद रख मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपे। मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान द्वारा कुक्षी को जिला बनाने के विषय में भेदभावपूर्ण रवैया के कारण शारदीय नवरात्र (वर्ष -2022) की महानवमी से जूते चप्पल का त्याग कर नंगे पैर चलना अनवरत जारी है। दिनांक:27 फरवरी 2022 से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रति रविवार रात्रि 8 से 10 बजे तक निरंतर जारी है। यह भी कि, इतनी गतिविधियों के बावजूद हमारी मांग पर शासन द्वारा उपेक्षा के कारण दिनांक: 31 मई 2023 बुधवार मॉं गायत्री जन्मोत्सव से जनसहयोग व जनसमर्थन से अनिश्चितकालीन उपवास पर सिर्फ जल का सेवन करते हुए मॉं गायत्री मंदिर प्रांगण कुक्षी में बैठा हूँ। जहां पर क्षेत्र के कई संगठन व जनसमुदाय समर्थन हेतु उपस्थित होने का क्रम जारी है। जिसका आज छठा दिवस हो चुका है। म.प्र. शासन आदिवासियों व पिछड़ा वर्ग के कल्याण के नाम पर विभिन्न माध्यमों से करोड़ो अरबो रुपया सरकारी खजाने से लगा रही है, परन्तु वास्तविक विकास ही करना है आदिवासियों व पिछड़ा वर्ग सहित हमारे आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र कुक्षी का तो कुक्षी को जिला बनाकर अपने शासकीय कार्यो को धरातल पर लाये।

आज छठे दिन तक शासन की और से किसी भी प्रकार की सूचना प्राप्त नही हुई है कि, वह कुक्षी को जिला बनाने हेतु कदम बड़ा रही हो। शासन हमारी जनहितैषी माँग को मानकर से पूर्णता की ओर ले जाने के बजाय गलत इरादों से बिगड़ते स्वास्थ्य के नाम पर जबरन उपवास स्थल से उठाने का प्रयास न करें। मेरा उपवास तब भी जारी रहेगा।
शासन की जनतंत्र को दबाकर अपनी मनमानी वाली शैली के चलते अब दुखी मन से आपसे इच्छा मृत्यु की अनुमति चाहता हूँ। पाटीदार ने दुखी मन से विनम्रतापूर्वक कहा कि, आपके स्तर से म.प्र. शासन को हमारी मांग पर कार्यवाही करने आदेश दो, अथवा मुझे इच्छा मृत्यु की अनुमति दीजिये।

5-50 किलो वजन कम होकर स्वास्थ बिगड़ने से कोमा मे जाने की भी संभावना- डॉ अभिषेक रावत

प्रतिदिन डॉक्टरों की टीम सोमेश्वर पाटीदार का स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुँच रही है। मीडिया को डॉ अभिषेक रावत ने बताया कि, पाटीदार का स्वास्थ्य दिनोदिन गिरता जा रहा है। आज छठे दिन उनका वजन 5-50 किलो घट चुका है। शुगर का लेवल भी गड़बड़ और यूरिन की जाँच में कीटोन बॉडी 4 प्लस हो चुकी है। कभी भी डायबिटीज या कोमा में भी जा सकते है। टीम में बीएमओ डॉ कविश्वर रावत, डॉ अभिषेक रावत, डॉ पवन देवड़ा, गंगाराम डुडवे, दिनेश डावर ने पाटीदार को स्वास्थ्य के चलते अनशन तोड़ने का असफल प्रयास भी किया।

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