सूरत गुजरात क्राइम ब्रांच का जमादार भी सूदखोर के चंगुल में फंसा

रिपोर्टर चंद्रकांत ऐन रोहित सूरत गुजरात
रांदेर पुलिस में इस बात का पता चला है कि क्राइम ब्रांच के जमादार की ओर से सूदखोरों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया है. इस मामले में सूदखोरी में संलिप्त इस अपराध शाखा के जमाकर्ता की संपत्ति के ब्योरे को लेकर पुलिस द्वारा जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. सूदखोरी में फंसा यह जमादार फिलहाल जांच के नाम पर रांदर थाने के चक्कर लगा रहा है। इस बीच चर्चा है कि अब संवेदनशील शिकायतों के निबटारे में पुलिस परिवारों को भी कोताही बरतनी पड़ रही है.
इससे पहले कि रांदेर पुलिस कार्रवाई कर पाती, मंत्री का फोन आ गया पुलिस का कहना है कि जांच जारी है
इस पुलिस जमादार द्वारा दिए गए आवेदन के खिलाफ शिकायत बोर्ड लगाया गया था। निश्चय ही अब जो विवरण प्राप्त हुआ है, उसके अनुसार यह आरोप लगते रहे हैं कि राज्य के मंत्री का फोन आने के बाद एक निश्चित सूदखोर के खिलाफ कार्रवाई रोक दी गई है। यह सूदखोर प्रदेश के शीर्ष मंत्री का खास आदमी है। तो चर्चा है कि पुलिस अब उसे छूने से भी डरती है। वर्तमान में पूरे गुजरात में हजारों सूदखोरों के खिलाफ अभियान चल रहा है। तथाकथित मंत्रियों की सिफारिशों के फोन आने पर पता चला है कि पुलिस भी इस मामले में पसोपेश में है. बेशक इस मामले में गुजरातमित्रा ने पुलिस इंस्पेक्टर से बात की. इसमें पीआई सोनारा ने कहा कि इस मामले में जमाकर्ता सही है या गलत इसका डीसीपी द्वारा सत्यापन किया जा रहा है. मामला अब डीसीपी के पास पहुंच गया है। इसके अलावा जमादार के खिलाफ चेक बाउंस होने और छह वाहनों को उसके रिश्तेदार ले जाने की शिकायत है. इस प्रकार यह मामला वर्तमान में विवादास्पद है। लिहाजा इस मामले में जांच प्रक्रिया के बाद ही आगे की कार्रवाई संभव है। इस बीच, पीआई द्वारा पुष्टि की गई है कि अपराध शाखा के जमादार को एक आवेदन मिला है। बेशक आम आदमी ही नहीं पुलिस भी सूदखोरी के इस चक्रव्यूह में फंसी है। पुलिस जमादार अपनी नौकरी बचाने के चक्कर में किसी से शिकायत भी नहीं कर सकता। इस प्रकार सूदखोरी के चंगुल में फंसे लोगों की स्थिति अत्यंत दयनीय है, यह मामला थाने में चर्चा का बवंडर बन गया है !



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