Chhattisgarh News नारायणपुर लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार ने मिलकर बना डाली भ्रष्टाचार वाली सड़क

रिपोर्टर नरेंद्र मेश्राम नारायणपुर छत्तीसगढ़
0/ निर्माण पूर्ण होने से पहले ही सड़क जर्जर
0/ 210 करोड़ की लागत से बन रहे नारायणपुर ओरछा मार्ग साल भर भी नहीं टिक पाया
0/ कमीशन खोरी के लालच में सड़क निर्माण की निविदा से लेकर चहेते ठेकेदार को काम दिलाने लोक निर्माण विभाग ने खूब खेला भ्रष्टाचार का खेल
0/ अमदई तो बहाना है मरम्मत के नाम पर सरकारी धन गटक जाना है…
बस्तर के आंचल में
नारायणपुर प्रियंका न्यूज़ खरी खरी ।
निविदा प्रक्रिया में घालमेल करीबी और चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने कमीशन के लालच में घटिया सड़क निर्माण को वेरीफाई करने वाले नारायणपुर लोक निर्माण विभाग एक बार फिर सुर्खियों में हैं नारायणपुर लोक निर्माण विभाग और ठेकेदार ने मिलकर 210 करोड़ की लागत से बना डाली भ्रष्टाचार वाली सड़क 65 किलोमीटर की सड़क अभी पूरी बनी भी नहीं की की उखड़ने लगे हैं निर्माण के दौरान तो दरार पड़ गए थे अब साल भर भी नहीं हुए गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है सड़क। तस्वीर बयां कर रही है निर्माण एजेंसी ने किस तरह सरकारी धन की मचाई लूट कैसे विभागीय नुमाइंदों ने दीया संरक्षण ऊपर दर्शाए छायाचित्र में स्पष्ट है सड़क की क्या गति हो गई है लोक निर्माण विभाग ने जिस निर्माण एजेंसी को कार्य दिया सारे वर्क आर्डर कमीशन के खेल पर चले साल भर भी नहीं टिक पाते सड़क करोड़ों का बार-बार रिपेयरिंग अथवा नव निर्माण के नाम से सरकारी धन का पूरी तरह से दोहन किया गया

गुणवत्ता हीन निर्माण पर प्रसय देने वाले पीडब्ल्यूडी कार्यपालन अभियंता, देखरेख करने वाले अनुविभागीय अधिकारी सब इंजीनियर जिन्हें सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच करनी थी निर्माण ठीक है अथवा गलत इस पर पारदर्शिता बरतनी चाहिए थी मगर इन सब के विपरीत लोक निर्माण विभाग के नुमाइंदे कमीशन के लालच में सड़क निर्माण के नाम पर थूक पॉलिश कर डाली और इसी विभागीय संरक्षण का नतीजा है कि 65 किलोमीटर की सड़क जो अभी पूरी भी नहीं हुई अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है एक सवाल और जब भी अबूझमाड़ नारायणपुर में घटिया सड़क निर्माण को लेकर खबरें प्रकाशित हुई है बचने बचाने की नियत से लोक निर्माण विभाग ने घटिया निर्माण का ठीकरा अमदई निकों खदान पर फोड़ा है 20 टन की सड़क बनवाई गई है तो खदान से निकलने वाले लोडेड भारी वाहनों पर संबंधित विभाग ने प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया कंपनी के खिलाफ कानूनी एक्शन क्यों नहीं लिया अगर खदान से निकली ओवरलोडेड वाहनों के कारण सड़क खराब हो रही है संबंधित कंपनी को रोड मरम्मत के लिए पत्र व्यवहार क्यों नहीं किया ऐसे बहुत से सवाल है जो इस मार्ग पर सड़क निर्माण पर सवालिया निशान लगा रहे हैं
खराब तो होनी ही है इसलिए खराब ही बना दो बस्तर के आंचल में ने अपने दौरे के दौरान सड़क की गुणवत्ता और आसपास की वस्तु स्थिति का मुआयना किया 50 से 60 टन वजनी वाहनों आवाजाही तो है ही मगर ठेकेदार ने विभागीय संरक्षण में अत्यंत निम्न स्तर के कार्य को अंजाम दिया है सड़क में लगाई गई सामग्री प्रथम दृष्टया ही खानापूर्ति प्रतीत होती हैं डामरीकरण सड़क पर डामर कम मिट्टी ज्यादा दिख रहा है संबंधित ने सोच लिया खराब तो होनी है इसलिए सड़क खराब बना दो निम्न स्तर का काम और करोड़ों का आराम माइंस तो एक बहाना है अगर सड़क मजबूत होती तो 2 से 3 साल तक चल पाती नारायणपुर की अपेक्षा जिला बस्तर क्रेशर खदान लाइमस्टोन जैसे तकरीबन 60 से अधिक संख्या में माइंस खदानें हैं डामरीकरण वाले सड़कों पर चोरी-छिपे ही सही ओवर लोडेड गाड़ियों का जाना लाजमी है अगर सड़कें 4 से 5 साल तक की अवधि पूर्ण कर चुकी हैं सड़क मजबूती ऐसी कि कहीं गड्ढे नहीं सड़क पर दरार नहीं आया नारायणपुर ओरछा सड़क का निर्माण ऐसा हुआ कि बनने से पहले ही दरार पड़ने लगी उखड़ने लगी इस मार्ग को बार-बार बनाया मरम्मत भी किया जा रहा है मरम्मत में मिट्टी का ढेर हर साल खानापूर्ति की जा रही है जांच का विषय नारायणपुर ओरछा के सड़क निर्माण से लेकर मरम्मत तक की संपूर्ण जांच जिला प्रशासन को करनी चाहिए करोड़ों रुपए की लागत से बन रहे इस सड़क निर्माण में संबंधित विभाग के अधिकारी और निर्माण एजेंसी ठेकेदार पर सड़क की गुणवत्ता को लेकर उचित करवाई करने की जरूरत है ताकि सरकारी धन और जनता की गाढ़ी कमाई का दुरुपयोग ना हो सके


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