Bihar News पिता करते हैं कपड़ा सिलाई, पुत्र सूरज बने पदाधिकारी, तीन उंगलियों से पास किया यूपीएससी एग्जाम

रिपोर्टर गुड्डू कुमार जमुई बिहार
मैनपुरी (यूपी), 25 मई 2023 : उत्तर प्रदेश के मैनपुरी निवासी सूरज ने लोगों के सामने एक मिसाल पेश की है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हो लेकिन कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती। सूरज को दोनों पैर और एक हाथ नहीं है और दूसरे हाथ में केवल तीन उंगलियां हैं। इसके बावजूद सूरज ने हिम्मत नहीं हारी और यूपीएससी परीक्षा में 917 वीं रैंक हासिल कर सफलता का इतिहास रच डाला। सूरज तिवारी ने 2017 में हुए ट्रेन हादसे में दोनों पैर और एक हाथ को गंवा दिया था। बावजूद इसके उन्होंने यूपीएससी परिक्षा में अपना परचम लहरा कर यह सिद्ध कर दिया कि प्रतिभा किसी चीज की मोहताज नहीं होती है। उधर उनकी इस कामयाबी पर समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया सह पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुश हैं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ” मैनपुरी के दिव्यांग सूरज तिवारी ने आईएएस की परीक्षा पहली बार में ही निकाल कर साबित कर दिया कि संकल्प की शक्ति अन्य सब शक्तियों से बड़ी होती है। सूरज की इस ‘सूरज’ जैसी उपलब्धि के लिए हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए अनंत शुभकामनाएं । आपको जानकर आश्चर्य होगा कि सूरज के दोनों पैर और एक हाथ नहीं है और दूसरे हाथ में केवल तीन उंगलियां हैं। लेकिन यह उसकी मेहनत और लगन का द्योतक है कि आज सूरज ने वह कमाल करके दिखा दिया जो लोगों के सपने होते हैं। अंकित करने योग्य तथ्य है कि यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाने के लिए सूरज ने 18 से 20 घंटे तक पढ़ाई की। उन्होंने यह सफलता बिना किसी कोचिंग और एक्स्ट्रा क्लासेज के हासिल की है। वे एक मध्यमवर्गीय परिवार से आते हैं। इनके पिता राजेश तिवारी टेलर मास्टर हैं और इनकी एक छोटी सी सिलाई की दुकान कुरावली में है , जिससे परिवार का खर्चा चलता है। 2017 में एक ट्रेन हादसे में सूरज में अपने दोनों पैर व एक हाथ को गवां दिया था। 04 महीने तक सूरज का इलाज चला था। घर की माली हालत और खराब होने लगी और उसके कुछ समय बाद सूरज के एक भाई की भी मौत हो गई थी। इस घटना से पूरा परिवार दुखी था। लेकिन सूरज ने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य पर एकाग्र रहकर यह सफलता प्राप्त की है। सूरज की यह सफलता युवाओं के लिए प्रेरणादायक है।
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